ढाई लाख में बिकने वाली लड़की बनी फरिश्ता, बचाई और जिंदगियां

  • NGO की आड़ में चल रहा था 7 साल से तस्करी का धंधा, 1500 से ज्यादा लड़कियां बेची जा चुकीं
  • कानपुर से अगवा कर जयपुर में 2.5 लाख में बेची गई किशोरी, ढाबे से भागकर पहुंची गोशाला
  • गायत्री नाम की महिला चला रही थी गिरोह, यूपी, बिहार, बंगाल में फैला नेटवर्क
  • नाबालिग ने फार्महाउस का रास्ता दिखाकर पुलिस को कराया गिरफ़्तारी तक पहुंच

जयपुर/कानपुर: कानपुर की एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने जयपुर के एक फार्महाउस में चल रहे नाबालिग लड़कियों के तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस रैकेट में लड़कियों को नशीले पदार्थ देकर बंधक बनाया जाता था और उनकी शक्ल-सूरत के हिसाब से उनका सौदा किया जाता था। एनजीओ की आड़ में चलाए जा रहे इस शर्मनाक धंधे का खुलासा तब हुआ जब कानपुर की यह लड़की आरोपियों के चंगुल से भागने में सफल रही।

कैसे फंसी तस्करों के जाल में?

नाबालिग लड़की कानपुर के आवास विकास हंसपुरम की रहने वाली है। घर में पिता की शराब की लत और मारपीट से तंग आकर उसका संपर्क सौरभ और सुमन नाम के दो शख्स से हुआ, जो उसे गिफ्ट देकर बहलाने लगे। मार्च में सौरभ ने उसे शॉपिंग का लालच देकर बाहर निकाला और नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया। होश आने पर वह जयपुर के सुजानपुरा स्थित एक फार्महाउस में कैद पाई गई, जहां कई अन्य लड़कियों को भी प्रताड़ित किया जा रहा था।

दो बार बिकी, मौका पाकर भागी

गैंग की मुखिया गायत्री विश्वकर्मा ने लड़की को 1.30 लाख रुपये में खरीदकर उसका फर्जी आधार कार्ड बनवाया। कुछ दिन बाद उसे 2.50 लाख रुपये में जबरन शादी के नाम पर बेच दिया गया। हालांकि, खरीददार परिवार ने उसे वापस गायत्री के पास छोड़ दिया। 6 अप्रैल को उसे एक बार फिर ढाई लाख रुपये में नारंग नाम के शख्स को बेचा गया। रास्ते में ढाबे पर खाने के दौरान लड़की ने मौका पाकर भागने में सफलता हासिल की।

पुलिस ने गिरफ्तार किए दो आरोपी

भागकर जयपुर पहुंची लड़की ने स्थानीय ग्रामीणों को फार्महाउस की सच्चाई बताई और अपने परिवार को सूचना दी। कानपुर पुलिस ने जयपुर पहुंचकर गायत्री विश्वकर्मा और उसके साथी हनुमान सिंह को गिरफ्तार किया। गायत्री ने पुलिस को बताया कि वह पिछले 7-8 सालों में 1500 से अधिक लड़कियों को बेच चुकी है।

एनजीओ की आड़ में चलता था धंधा

गायत्री ने “गायत्री सर्व समाज फाउंडेशन” नामक एक एनजीओ बना रखा था, जिसकी आड़ में वह लड़कियों की तस्करी करती थी। फार्महाउस में शादी-ब्याह के कार्यक्रम आयोजित करके लोगों को गुमराह किया जाता था। पुलिस के अनुसार, गैंग यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल और मध्य प्रदेश से लड़कियों को लाकर उनकी जबरन शादी करवाता था।

तीन आरोपी फरार, तलाश जारी

पुलिस ने सौरभ मिश्रा, एक अन्य महिला और नारंग के खिलाफ भी केस दर्ज किया है। मामले में ह्यूमन ट्रैफिकिंग, अपहरण और धोखाधड़ी की धाराएं लगाई गई हैं। जांचकर्ताओं का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।

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