
- मेरिका का अल्टीमेटम- शांति वार्ता में प्रगति नहीं तो समर्थन वापस लेंगे
- ट्रम्प की रणनीति-दबाव बनाने की कोशिश
- यूरोप की चिंता- क्या अमेरिका छोड़ देगा यूक्रेन को?
पेरिस: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर अमेरिका ने एक अहम बयान दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि अगर युद्ध विराम समझौते पर जल्द कोई प्रगति नहीं हुई, तो अमेरिका इस मामले से पीछे हट सकता है।
“कुछ ही दिनों में लेंगे फैसला”
रुबियो ने कहा, “हम इस मामले को हफ्तों या महीनों तक नहीं खींचेंगे। हमें कुछ ही दिनों में तय करना होगा कि क्या शांति वार्ता आगे बढ़ सकती है। अगर ऐसा होता है, तो हम साथ हैं। वरना, हमें अपनी अन्य प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा।” उन्होंने यह बयान पेरिस में यूरोपीय और यूक्रेनी नेताओं के साथ हुई बैठक के बाद दिया। रुबियो ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अभी भी इस समझौते में दिलचस्पी रखते हैं, लेकिन अगर जल्द ही कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिले, तो वे आगे बढ़ने को तैयार हैं।
ट्रम्प का वादा और मौजूदा हालात
ट्रम्प ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वे राष्ट्रपति बनने के 24 घंटे के भीतर युद्ध खत्म कर देंगे। हालांकि, पद संभालने के बाद उन्होंने अपने बयान में नरमी दिखाई और कहा कि युद्ध समाप्त करने में अप्रैल-मई तक का समय लग सकता है। अब अमेरिका की यह चेतावनी यूक्रेन और रूस पर दबाव बढ़ाने वाली हो सकती है।
क्या होगा आगे?
अगर जल्द ही कोई ठोस समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका यूक्रेन को सैन्य सहायता कम कर सकता है या अन्य वैश्विक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह कदम यूरोपीय देशों के लिए भी चिंता का विषय हो सकता है, जो यूक्रेन को समर्थन दे रहे हैं।








