- IDF ने माना- गाजा में हुई मौतें पेशेवर चूक का नतीजा
- इजराइली सेना का दावा- हमास के सदस्य थे निशाने पर, पर चूकी पहचान
- हवाई हमलों से कांप उठा गाजा, एक ही दिन में 90 की मौत
तेल अवीव। इजराइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने गाजा में 23 मार्च को हुई एक बड़ी घटना में अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसमें इजराइली फायरिंग से 15 मेडिकलकर्मियों की मौत हो गई थी। IDF ने जांच के बाद माना है कि सैनिकों से पेशेवर गलतियां हुईं, जिसके चलते एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है। इस घटना में इजराइली सैनिकों ने एम्बुलेंस, फायर ट्रक और संयुक्त राष्ट्र के वाहनों पर फायरिंग की थी। हालांकि, बाद में इजराइल ने दावा किया था कि मृतकों में से छह लोग हमास के सदस्य थे। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सैनिकों ने सैन्य आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया, लेकिन पेशेवर स्तर पर भारी चूकें हुईं।
UN ने दी चेतावनी- भूख से मर सकते हैं हजारों लोग
शुक्रवार सुबह गाजा पर हुए इजराइली हवाई हमलों में 90 लोगों की जान चली गई और सैकड़ों घायल हो गए। गाजा की स्थानीय सरकार का कहना है कि बीते 18 महीनों में 61,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि लगातार जारी हमलों और नाकेबंदी के चलते हजारों लोग भूख से मरने के कगार पर पहुंच गए हैं। गाजा में हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि लोग मानसिक रूप से टूट चुके हैं और बच्चों को दो वक्त का खाना देना भी मुश्किल हो गया है।








