- ख्वाजा आसिफ का खुलासा – आतंकवाद को बढ़ावा देना बड़ी भूल, जिसकी आज कीमत चुका रहा पाकिस्तान
- इशाक डार ने पहलगाम हमले को बताया ‘भारत की साजिश’, कहा- हमले के पीछे फ्रीडम फाइटर्स हो सकते हैं
- दोनों देशों के पास परमाणु हथियार, युद्ध के हालात बने तो इसका असर वैश्विक होगा – पाक रक्षा मंत्री
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में सनसनीखेज खुलासा किया है कि उनका देश बीते तीन दशकों से आतंकवादियों को समर्थन और प्रशिक्षण देता आ रहा है। ब्रिटिश मीडिया द स्काई को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और पश्चिमी देशों के लिए यह ‘गंदा काम’ कर रहा था। ब्रिटिश एंकर यल्दा हकीम द्वारा आतंकी संगठनों को लेकर पूछे गए सवाल पर ख्वाजा आसिफ ने स्वीकार किया कि वैश्विक ताकतों ने पाकिस्तान को अपने हितों के लिए इस्तेमाल किया। उन्होंने यह भी माना कि आतंकियों को समर्थन देना एक “बड़ी भूल” थी और आज पाकिस्तान इसकी सजा भुगत रहा है। उन्होंने कहा, “अगर हम सोवियत यूनियन के खिलाफ युद्ध में शामिल न होते और 9/11 के बाद हालात न बिगड़ते, तो आज पाकिस्तान का दामन पाक होता।”
भारत-पाक विवाद पर चेतावनी: “परमाणु शक्तियों में जंग का खतरा”
भारत के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर ख्वाजा आसिफ ने भारत को चेताते हुए कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और ऐसे हालात दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा, “अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान भी मुंहतोड़ जवाब देगा। हमें जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पहलगाम हमले के पीछे भारत खुद है, पाकिस्तान नहीं। TRF (द रेजिस्टेंस फ्रंट) जैसे आतंकी संगठनों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने इसका नाम तक नहीं सुना। जब एंकर ने TRF को लश्कर-ए-तैयबा से जोड़ते हुए सवाल उठाया तो आसिफ बोले, “लश्कर अब पुरानी बात हो गई, उसका कोई अस्तित्व नहीं बचा है।”
विदेश मंत्री इशाक डार ने आतंकियों को बताया ‘स्वतंत्रता सेनानी’
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को ‘फ्रीडम फाइटर्स’ करार दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें ये मानना चाहिए कि वे स्वतंत्रता सेनानी हो सकते हैं। हमें नहीं पता कि वे कौन हैं। भारत अपनी विफलताओं और आंतरिक राजनीति से ध्यान हटाने के लिए पाकिस्तान पर इल्जाम लगाता है।” डार ने यह भी कहा कि उन्होंने भारत के रवैये को देखते हुए अपनी बांग्लादेश और अफगानिस्तान यात्राएं रद्द कर दी हैं, ताकि कूटनीतिक मोर्चे पर जवाब तैयार किया जा सके।








