
- एयरस्पेस बंद, हर महीने 306 करोड़ का अतिरिक्त खर्च
- एयर इंडिया को सालाना 5,000 करोड़ का संभावित घाटा
- DGCA ने दी पायलट ड्यूटी में छूट
नई दिल्ली। पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद भारतीय एयरलाइनों पर भारी आर्थिक असर पड़ने की आशंका है। अनुमान है कि हर महीने एयरलाइनों को करीब 306 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। वहीं, एअर इंडिया ने अंदेशा जताया है कि यदि यह स्थिति एक साल तक बनी रहती है, तो उसे लगभग 600 मिलियन डॉलर यानी करीब 5,081 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है।
इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए एयरलाइनों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय (DGCA) को अपने सुझाव और इनपुट दिए हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एयरलाइंस ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा एयरस्पेस बंद किए जाने के प्रभाव पर विस्तार से जानकारी दी है।
सरकार से मांगी वित्तीय मदद
एयर इंडिया ने केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की मांग की है ताकि घाटे की भरपाई की जा सके। इसी बीच DGCA ने एयर इंडिया को कुछ राहत देते हुए पायलटों की ड्यूटी समय बढ़ाने और आराम के नियमों में अस्थायी छूट दे दी है।
पायलट्स और क्रू को मिलेगी अतिरिक्त ड्यूटी की अनुमति
यह निर्णय विशेष रूप से अमेरिका जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों के संचालन को सुचारु रखने के लिए लिया गया है। 30 अप्रैल से लागू यह नियम दो हफ्तों तक प्रभावी रहेगा, जिससे पायलट और केबिन क्रू अब पहले से अधिक समय तक ड्यूटी पर रह सकेंगे।
हर हफ्ते 77 करोड़ का अतिरिक्त खर्च
उत्तर भारत से इंटरनेशनल उड़ानों पर भी एयरस्पेस बंद होने का सीधा असर दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, हर सप्ताह करीब 77 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आ रहा है।








