
- रामबन जिले के बैटरी चश्मा में सेना की गाड़ी गिरी खाई में
- दो जवानों की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
- बीते एक साल में ऐसे हादसों में दर्जनों जवान गंवा चुके हैं जान
जम्मू-कश्मीर। रविवार को जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले के बैटरी चश्मा इलाके में एक बार फिर दुखद हादसा हुआ। सेना का एक वाहन अचानक सड़क से फिसलकर गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दो जवानों की मौत हो गई, जबकि सेना और स्थानीय प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
पहाड़ी इलाकों में इस तरह के हादसे आम होते जा रहे हैं, जिनमें हर साल कई जवान अपनी जान गंवा रहे हैं। खराब सड़कें, दुर्गम रास्ते और खराब मौसम इन दुर्घटनाओं के पीछे बड़ी वजह माने जा रहे हैं।
पिछले हादसों पर एक नजर
4 जनवरी 2024 – बांदीपोरा में सेना का ट्रक खाई में गिरा, 4 जवानों की मौत, 2 घायल
24 दिसंबर 2023 – पुंछ में आर्मी वैन 350 फीट खाई में गिरी, 5 जवान शहीद
4 और 2 नवंबर 2023 – राजौरी और रियासी में सड़क हादसों में 5 जवानों की मौत
19 अगस्त 2023 – लद्दाख में सेना की गाड़ी 60 फीट गहरी खाई में गिरी, 9 जवानों की मौत
29 अप्रैल 2023 – एलएसी के पास राजौरी में एम्बुलेंस खाई में गिरी, 2 जवान शहीद
23 दिसंबर 2022 – सिक्किम के जेमा में आर्मी ट्रक खाई में गिरा, 16 जवानों की मौत
सेना के लिए चुनौती बन रहे दुर्गम इलाके
इन घटनाओं की आवृत्ति बताती है कि सीमावर्ती और पहाड़ी इलाकों में सेना के लिए आवाजाही कितनी जोखिम भरी होती है। सिक्किम, लद्दाख, पुंछ, राजौरी और रामबन जैसे क्षेत्रों में लगातार हो रहे ये हादसे चिंताजनक हैं। जानकार मानते हैं कि सड़कों की मरम्मत, सुरक्षा उपायों की निगरानी और ड्राइवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण जरूरी हो गया है।









