- गोरखपुर जंक्शन पर डिजिटल सिस्टम से होगा संचालन
- इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से ट्रेनों की गति और सुरक्षा में सुधार
- तीसरी लाइन पर स्पीड ट्रायल के बाद मिली हरी झंडी
गोरखपुर। गोरखपुर जंक्शन पर बीते 22 दिनों से जारी नॉन इंटरलॉकिंग (NI) कार्य को रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) प्रणजीव सक्सेना ने हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही स्टेशन पर जारी मेगा ब्लॉक समाप्त हो गया है और रविवार यानी आज से ट्रेनों का संचालन अपने निर्धारित समयानुसार शुरू हो जाएगा।
हालांकि, गोरखपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस के लिए चलने वाली 20104 सुपरफास्ट एक्सप्रेस का संचालन आज नहीं हो सकेगा। रेलवे के अनुसार, रैक की अनुपलब्धता के कारण यह फैसला लिया गया है। लेकिन अगले दिन से यह ट्रेन भी पुनः शुरू हो जाएगी।
तीसरी लाइन पर भी शुरू होगा परिचालन
CRS ने शनिवार को गोरखपुर जंक्शन से गोरखपुर छावनी तक नवनिर्मित तीसरी लाइन और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का निरीक्षण किया। 3.5 किलोमीटर लंबी और 25 हजार वोल्ट एसी क्षमता वाली विद्युतीकृत तीसरी लाइन की कमीशनिंग के साथ इस पर भी ट्रेनों का संचालन शुरू हो सकेगा। इससे यात्रियों को ट्रेनों की देरी और रद्दीकरण से निजात मिलेगी।
माउस की क्लिक से नियंत्रित होंगी ट्रेनें
गोरखपुर स्टेशन पर ट्रेनों के संचालन को अब डिजिटल इंटरलॉकिं
निरीक्षण के दौरान क्या-क्या देखा गया?
CRS प्रणजीव सक्सेना ने निरीक्षण के दौरान इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पैनल, स्टेशन अधीक्षक कक्ष, संरक्षा अभिलेख, यार्ड प्लान, स्टेशन पावर सप्लाई और बैटरी रूम की गहन जांच की। इसके बाद उन्होंने मोटर ट्रॉली से यार्ड का भी दौरा किया और तीसरी लाइन पर बने प्वाइंट, क्रॉसिंग, कर्व और पुल की स्थिति का जायजा लिया।
युद्धस्तर पर हुआ अंतिम दिन का कार्य
NI कार्य का अंतिम दिन 2 मई को था, जब इंजीनियरिंग विभाग की टीम ने युद्धस्तर पर कार्य किया। शाम 5 बजे तक चली यह प्रक्रिया समय से पूरी की गई, जिससे अब ट्रेनों का परिचालन सामान्य हो सकेगा। हालांकि उस दिन कुछ ट्रेनों को डायवर्ट भी किया गया।
इन प्रमुख ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू
मेगा ब्लॉक के समाप्त होते ही 12555 गोरखधाम सुपरफास्ट एक्सप्रेस रविवार को अपने तय समय से चलेगी। वहीं वैशाली सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस और सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन पहले ही बहाल हो चुका है।







