कैसे एक छोटे से तूफान ने सऊदी अरब के शहरों में भारी तबाही मचाई?

  • सऊदी अरब में धूल भरी आंधी से शहर प्रभावित
  • अल कासिम में 100 मीटर से कम दृश्यता, तूफान का कहर
  • सऊदी मेट्रोलॉजिकल सेंटर ने मौसम चेतावनियाँ जारी कीं

रियाद, सऊदी अरब: सऊदी अरब के अल कासिम क्षेत्र में रविवार को एक भयंकर धूल भरी आंधी ने पूरे शहर को अपनी चपेट में ले लिया। इस आंधी के कारण आसमान रेत और धूल से पूरी तरह ढक गया, जिससे दृश्यता 100 मीटर से भी कम हो गई। मौसम की खतरनाक स्थिति के कारण 1500 से 2000 मीटर की ऊंचाई तक धूल की दीवार बन गई, जो एक असामान्य और भयावह दृश्य प्रस्तुत कर रही थी।

रेत के तूफान का कारण- रेत के तूफान एक प्राकृतिक मौसमी घटना हैं, जो मुख्य रूप से रेगिस्तानी इलाकों में देखी जाती है। इन क्षेत्रों में गर्मी के कारण कम दबाव का क्षेत्र बनता है, जिससे तेज हवाएं चलने लगती हैं और धूल तथा रेत को हवा में उड़ा देती हैं। कभी ठंडी और गर्म हवा के टकराव से भी तूफान की स्थिति बन सकती है।

रेत के तूफान आने की प्रमुख वजहें

  1. तेज हवाएं: रेत के तूफान का मुख्य कारण तेज हवाएं होती हैं, जिनकी स्पीड 30-50 किमी/घंटा से अधिक हो जाती है। इसके कारण रेत और धूल उड़ने लगती है और यह तूफान का रूप ले लेती है।

  2. शुष्क मिट्टी और रेत: रेगिस्तानी क्षेत्रों में नमी की कमी के कारण मिट्टी और रेत सूखी और ढीली होती है, जिससे हवा आसानी से रेत को उड़ा सकती है।

  3. भौगोलिक स्थिति: मिडिल ईस्ट के सहार और अरब के रेगिस्तानी इलाके रेत के तूफान के लिए अत्यधिक संवेदनशील होते हैं। ये इलाके खुले और सूखे होते हैं, जहां बड़ी मात्रा में रेत होती है।

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