
- वाराणसी से दिल्ली तक: एक भरोसेमंद अफसर की प्रशासनिक यात्रा
- क्या दिल्ली में नई भूमिका से जुड़ी है पीएमओ की कोई बड़ी रणनीति
- कौशल राज का हर तबादला क्यों बनता है चर्चा का विषय
वाराणसी। वाराणसी के पूर्व कमिश्नर और डीएम रहे आईएएस कौशल राज शर्मा को तीन साल के लिए दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। उन्हें दिल्ली जल बोर्ड का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब महज 15 दिन पहले ही उनका वाराणसी से लखनऊ ट्रांसफर किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें अपना विशेष सचिव नियुक्त किया था, लेकिन अब उनकी जिम्मेदारी एक बार फिर बदल गई है।
PMO से करीबी माने जाते हैं कौशल राज
कौशल राज शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विश्वासपात्र अधिकारी माना जाता है। उनका लखनऊ ट्रांसफर भी पीएमओ की सिफारिश पर हुआ था। हालांकि, अब दिल्ली प्रतिनियुक्ति के चलते उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में कोई विशेष जिम्मेदारी नहीं दी गई। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि उन्हें पीएमओ में कोई महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है, क्योंकि वर्तमान में यूपी कैडर का कोई अधिकारी पीएमओ में नहीं है।
वाराणसी में छह साल तक रहे, कोरोना और विश्वनाथ कॉरिडोर प्रोजेक्ट में उत्कृष्ट कार्य
2006 बैच के आईएएस अधिकारी कौशल राज शर्मा ने नवंबर 2019 में वाराणसी के डीएम का पद संभाला था। अक्टूबर 2022 में उन्हें वहीं कमिश्नर बना दिया गया। विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण, सड़क चौड़ीकरण और कोरोना काल में उनके कार्यों की काफी सराहना हुई। 2020 में फेम इंडिया पत्रिका ने उन्हें देश के टॉप 50 आईएएस अधिकारियों में शामिल किया था।
तीन साल पहले भी रुक गया था ट्रांसफर
इससे पहले, जब वह वाराणसी के डीएम थे, तो उन्हें प्रयागराज कमिश्नर बनाकर भेजा जाना था। लेकिन आधी रात को उनका ट्रांसफर रोक दिया गया और उन्हें वाराणसी में ही कमिश्नर बना दिया गया। अब एक बार फिर उनकी पोस्टिंग में बदलाव हुआ है।
दिल्ली जल बोर्ड की चुनौतियां
दिल्ली जल बोर्ड में उनके सामने जल आपूर्ति, पानी की बर्बादी रोकने और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की बड़ी चुनौतियां होंगी। यूपी के बाद अब दिल्ली में उनकी नियुक्ति से स्पष्ट है कि केंद्र सरकार उन पर भरोसा करती है।








