तमसा किनारे अतिक्रमण पर फिर चला प्रशासन का डंडा

  • वाजिदपुर में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी टीम
  • मकान मालिक ने खुद अतिक्रमण हटाने की दी लिखित सहमति
  • बुलडोजर से नुकसान की आशंका जताकर रोकी गई कार्रवाई

जलालपुर (अंबेडकरनगर)। तमसा नदी के किनारे स्थित वाजिदपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण को लेकर गुरुवार को चली बुलडोजर कार्रवाई का शुक्रवार को दूसरा चरण उस समय रुक गया जब मकान स्वामी ने स्वयं अतिक्रमण हटाने की मंशा जाहिर कर दी। लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम जब शुक्रवार को मौके पर पहुंची तो मकान मालिक ने मजदूर लगाकर खुद ही अवैध निर्माण को हटाने का अनुरोध किया। विभाग की सहमति के बाद बुलडोजर कार्रवाई स्थगित कर दी गई।

बुलडोजर से नुकसान की आशंका, स्वेच्छा से हटाया निर्माण
गुरुवार को नबी अहमद के गाटा संख्या 602 पर बनी संरचना को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। हालांकि ढांचे का कुछ हिस्सा बचा रह गया था। शुक्रवार को जब टीम दोबारा कार्रवाई के लिए पहुंची तो मकान मालिक ने तर्क दिया कि बुलडोजर से मकान के शेष हिस्से को भी नुकसान पहुंच सकता है। इस पर उसने खुद मजदूरों की मदद से निर्माण हटाने की जिम्मेदारी ली, जिसे प्रशासन ने मान लिया।

अकबरपुर रोड पर स्थित वाजिदपुर में सरकारी भूमि पर कुल 53 मकानों की पहचान की गई है। इन सभी को लेकर लोक निर्माण विभाग ने 15 दिन पहले ही नोटिस जारी कर दिया था। इसके साथ ही क्षेत्र में सार्वजनिक मुनादी भी कराई गई थी, ताकि मकान स्वामी स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाएं।

नबी अहमद का मकान लोक निर्माण विभाग की निर्धारित चौड़ाई — लगभग 60 फीट — के भीतर पाया गया। यह मकान जमालपुर चौराहे से बसखारी रोड के बीच स्थित है। विभागीय रिकॉर्ड में यह भूमि पीडब्ल्यूडी की बताई गई है।

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