अम्बेडकरनगर। अम्बेडकरनगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय कुमार शैवाल के कथित भ्रष्टाचार का मामला अब उत्तर प्रदेश विधान परिषद में उठ गया है। एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने सदन में इस मुद्दे को उठाते हुए सीएमओ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने नियम-115 के तहत 13 फरवरी 2026 को दी गई सूचना में बताया कि डॉ. संजय कुमार शैवाल के खिलाफ आई जांच रिपोर्ट बेहद गंभीर है। उनके अनुसार मुख्य विकास अधिकारी की जांच में सीएमओ को दोषी पाया गया है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कार्रवाई में देरी पर सवाल उठाया।
एमएलसी ने सदन को बताया कि मुख्य विकास अधिकारी का 7 जनवरी 2026 का पत्र और जिलाधिकारी का 12 सितंबर 2025 का पत्र भी इन शिकायतों की पुष्टि करते हैं। इसके बावजूद कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहाकि इस मामले से आम लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है और स्वास्थ्य विभाग की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने महानिदेशक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह दर्शाता है कि शासन स्तर पर भी इस प्रकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है।
एमएलसी ने सदन के माध्यम से मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य जनता का भरोसा कायम रखना और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करना है।








