
अम्बेडकर नगर के अकबरपुर निवासी अखिलेश कुमार को संघर्षग्रस्त इज़राइल से सुरक्षित वापस लाया गया। यह वापसी जॉर्डन के रास्ते संभव हो सकी। पूरे मामले में प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और केंद्र सरकार के बीच समन्वय से त्वरित कार्रवाई की गई।डीएम अनुपम शुक्ला की पहल और लगातार प्रयासों ने एक परिवार के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी है.
नेटान्या में फंसे थे अखिलेश
अखिलेश कुमार रोजगार के लिए इज़राइल गए थे। वह नेटान्या शहर में फंस गए थे। वहां की परिस्थितियों और नियोक्ता के असहयोग के कारण वह वापस लौटने में असमर्थ हो गए। इससे उनकी स्थिति बिगड़ने लगी।
जनता दर्शन में उठाया गया मामला
अखिलेश की पत्नी किरण देवी ने 25 मार्च 2026 को जनता दर्शन में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला से मिलकर मदद की अपील की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तुरंत इसे शासन स्तर पर भेजा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को अखिलेश की सुरक्षित वापसी के निर्देश दिए। इसके बाद प्रक्रिया तेज कर दी गई।
दूतावास और विदेश मंत्रालय की सक्रियता
28 मार्च को इज़राइल स्थित भारतीय दूतावास को पत्र भेजा गया। इसके साथ ही भारत का विदेश मंत्रालय ने इज़राइल और जॉर्डन में भारतीय दूतावासों के साथ समन्वय शुरू किया।
तेल अवीव और जॉर्डन के अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखा गया।
जॉर्डन के रास्ते बनाई गई रणनीति
इज़राइल के हवाई अड्डे बंद होने के कारण वैकल्पिक योजना बनाई गई। 1 अप्रैल को जॉर्डन का वीजा और टिकट की व्यवस्था की गई।
2 अप्रैल को अखिलेश को विशेष वाहन से तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास पहुंचाया गया। वहां से उन्हें सुरक्षित जॉर्डन सीमा तक ले जाया गया।








