
रामपुर। पैन कार्ड मामले में सात-सात साल की सजा पाए सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की जेल में पहली रातें बेचैनी भरी रहीं। दोनों पूरी रात करवटें बदलते रहे और घर से लाया गया खाना व कंबल जेल प्रशासन ने अंदर नहीं जाने दिया।
आजम और अब्दुल्ला की एक ही बैरक में शिफ्ट करने की याचिका पर रामपुर MP/MLA कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। जेल अधीक्षक राजेश यादव ने बताया कि सुरक्षा कारणों से बाहरी वस्तुएं जेल में नहीं लाई जा सकतीं। कोर्ट का फैसला जल्द आने की उम्मीद है।
दोनों पिता-पुत्र फिलहाल रामपुर जेल में ही हैं और उपलब्ध संसाधनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं।








