- अंबेडकर नगर में फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति पर प्रशासन सख्त
- जिलाधिकारी ने वीएलई और कृषि विभाग को दिए कड़े निर्देश
- रैंकिंग सुधारने के लिए सीएससी वार दैनिक समीक्षा का आदेश
अंबेडकर नगर | कृषि क्षेत्र को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में सरकार द्वारा संचालित “फार्मर रजिस्ट्री” कार्यक्रम की प्रगति को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कलेक्ट्रेट सभागार में कार्यक्रम की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि यह कार्य शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, लेकिन जनपद में इसकी गति संतोषजनक नहीं है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, उपनिदेशक कृषि अश्वनी सिंह, तथा जनपद के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) से जुड़े वीएलई (Village Level Entrepreneur) उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि फार्मर रजिस्ट्री की धीमी प्रगति के चलते प्रदेश स्तर पर जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई है, जिसे तुरंत सुधारने की आवश्यकता है।
फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद उपनिदेशक कृषि को निर्देशित किया कि अब तक फार्मर रजिस्ट्री से वंचित किसानों की नामवार सूची सभी वीएलई को उपलब्ध कराई जाए। इस सूची के आधार पर व्यक्तिगत संपर्क कर किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हर वीएलई अपने क्षेत्र के किसानों से संपर्क स्थापित कर उन्हें सीएससी केंद्र पर बुलाएं और फार्मर रजिस्ट्री सुनिश्चित करें। इसमें कोई लापरवाही या विलंब अब स्वीकार्य नहीं होगा।
सीएससी वार प्रगति की होगी दैनिक समीक्षा
जिलाधिकारी ने यह भी आदेश दिया कि अब प्रत्येक दिन सीएससी वार प्रगति रिपोर्ट तैयार कर समीक्षा बैठक में प्रस्तुत की जाए। उपनिदेशक कृषि को इस कार्य में पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।








