वकालतनामा दाखिल: राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे
अगली सुनवाई 31 जनवरी 2026 को तय
बयान को लेकर राष्ट्रद्रोह का मामला चलाने की मांग
लखनऊ। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के कथित विवादित बयान को लेकर लखनऊ की MP/MLA कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से वकालतनामा दाखिल किया गया।
राहुल गांधी के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर अगली सुनवाई की तारीख 31 जनवरी 2026 तय की। इससे पहले कोर्ट ने 24 दिसंबर को राहुल गांधी और अन्य को नोटिस जारी किया था।
मामला: ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ विवादित बयान
शिकायतकर्ता वकील नृपेन्द्र पांडेय ने बताया कि 15 जनवरी 2025 को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन समारोह में राहुल गांधी ने कहा था –
“वी आर नाउ फाइटिंग द बीजेपी, द आरएसएस एंड द इंडियन स्टेट इटसेल्फ।”
शिकायतकर्ता का दावा है कि यह बयान भारत राष्ट्र और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है और जानबूझकर दिया गया। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मामला चलाने की मांग की।
कोर्ट में व्याख्या
कोर्ट में ‘इंडियन स्टेट’ की व्याख्या करते हुए कहा गया कि इसका मतलब केवल सत्ताधारी दल नहीं है, बल्कि भारत की संसद, न्यायपालिका, कार्यपालिका और समूची संवैधानिक व्यवस्था शामिल है। ऐसे में ‘इंडियन स्टेट’ के खिलाफ लड़ने का बयान भारत की एकता और अखंडता के विरुद्ध माना जा सकता है, जो राष्ट्रद्रोह के दायरे में आता है।
सहमति का आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी वाड्रा और जयराम रमेश ने राहुल गांधी के बयान का कोई विरोध या खंडन नहीं किया। उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट होता है कि बयान सामूहिक सहमति से दिया गया।








