- दानिश ने परिवार को बचाने के लिए दिखाई बहादुरी, खुद भी लपटों में समा गए
- केमिकल के ड्रम फटने से आग हुई बेकाबू, धमाकों से कांपी इमारत
- बचाव कार्य में देरी पर भड़के स्थानीय लोग, सिस्टम पर उठे सवाल
कानपुर। कानपुर के प्रेम नगर इलाके में रविवार रात हुए भीषण आग हादसे ने एक परिवार को पूरी तरह तबाह कर दिया। आग इतनी भयानक थी कि कारोबारी मोहम्मद दानिश (45) अपनी पत्नी और तीन बेटियों को बचाने के चक्कर में खुद भी जलकर मर गए। उनके पिता अकील अहमद ने आँसू बहाते हुए कहा, “ये आग हमारे पूरे परिवार को लील गई।”
जान बचाने दौड़े दानिश, पर न बचा सका कोई
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग लगने के बाद दानिश बाहर निकल आए थे, लेकिन जब भीड़ में उन्होंने पत्नी और बेटियों को नहीं देखा, तो चीख पड़े। लोगों ने बताया कि उनका परिवार अंदर ही फंसा है। यह सुनते ही दानिश बिना परवाह किए आग में दोबारा घुस गए। उनके पिता अकील अहमद का कहना है, “मैं चिल्ला रहा था, बेटा वापस आ जा… पर वो तीसरी मंजिल तक पहुंच चुका था।”
इसी बीच अंदर रखे केमिकल के ड्रम फटने से जोरदार धमाका हुआ और आग और भी विकराल हो गई। दानिश वहीं फंस गए। उनके पिता बिलखते रहे, “मेरी आंखों के सामने मेरा बेटा जल गया… पूरा परिवार चला गया।”
जले हुए घर की दीवारों से टपकता मातम
संवाददाता जब मौके पर पहुंचे तो इमारत के पहले, दूसरे और तीसरे फ्लोर तक फैक्ट्री के निशान साफ दिखाई दिए। चौथी मंजिल पूरी तरह जल चुकी थी। एक कमरे में महिला की जली हुई लाश के पास एक बच्ची लिपटी मिली। दीवारें फटी थीं, बेड राख हो चुका था। केमिकल के ड्रम फटे पड़े थे, जिससे आग की तीव्रता और बढ़ी।
धमाकों से दहली बिल्डिंग, 6 इमारतें खाली कराई गईं
बेसमेंट में मौजूद केमिकल ड्रमों में तीन तेज धमाके हुए, जिससे आग ने चौथी मंजिल को भी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि बिल्डिंग में दरारें पड़ गईं। पुलिस और फायर विभाग ने एहतियातन आसपास की छह इमारतों को खाली कराया।
अवैध फैक्ट्री, लापरवाह सिस्टम? उठे गंभीर सवाल
घटना के बाद इलाके में नाराजगी और सवालों का दौर शुरू हो गया।
- घनी बस्ती में जूता फैक्ट्री को किसने परमिशन दी?
- नगर निगम और KDA ने छह मंजिला अवैध बिल्डिंग का नक्शा कैसे पास किया?
- बिना फायर एनओसी के फैक्ट्री चल रही थी, जिम्मेदार कौन?
- शॉर्ट सर्किट से आग की आशंका है, तो बिजली विभाग की भूमिका क्या रही?
अधिकारियों का बयान
महापौर प्रमिला पांडेय ने बताया कि ग्राउंड से तीसरे फ्लोर तक केमिकल और जूते भरे थे, जिससे आग ने तेजी पकड़ी। ACP तेज बहादुर सिंह ने कहा, “अब तक की जानकारी के मुताबिक 5 मौतें हुई हैं। आग की वजहों की जांच एक्सपर्ट टीम कर रही है, आगे कार्रवाई की जाएगी।”
पूरे परिवार की तस्वीर, अब सिर्फ राख
घटनास्थल पर एक कमरे में परिवार की एक पुरानी तस्वीर टंगी थी, जो आग में जलकर राख हो चुकी थी। अब उस राख में सिर्फ चीखें और मातम बाकी रह गया है।







