- क्या पाकिस्तान के चैनल्स का असर भारत में बढ़ते तनाव पर है?
- पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा बढ़ाने के लिए भारत ने क्या कदम उठाए?
- क्यों पाकिस्तान के चैनल्स पर प्रतिबंध भारत की सख्त रणनीति का हिस्सा हैं?
जम्मू-कश्मीर। पहलगाम आतंकी हमले की रिपोर्टिंग को लेकर भारत सरकार ने सोमवार को कड़ी कार्रवाई करते हुए 17 पाकिस्तानी YouTube चैनल्स पर प्रतिबंध लगा दिया। इनमें क्रिकेटर शोएब अख्तर का चैनल, डॉन न्यूज, समा टीवी और जिओ न्यूज शामिल हैं। सरकार का आरोप है कि ये चैनल्स भारत की सुरक्षा एजेंसियों के खिलाफ झूठी और भड़काऊ खबरें फैला रहे थे। वहीं, बीबीसी को भी इस मामले में चेतावनी दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, बीबीसी ने पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों को “उग्रवादी” बताया था, जिसके बाद उसे नोटिस जारी किया गया। यह कार्रवाई गृह मंत्रालय की सिफारिश पर की गई है।
जम्मू-कश्मीर में शोक और सुरक्षा बैठकें
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में आज पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों को श्रद्धांजलि दी गई। इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच 40 मिनट तक चली महत्वपूर्ण बैठक हुई। राजनाथ सिंह ने पीएम को हमले की जांच और सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। दोपहर 3 बजे रक्षा मामलों की संसदीय समिति की बैठक भी होनी है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 15 ठिकानों पर छापे
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए 15 ठिकानों पर छापेमारी की। सूत्रों के अनुसार, ये ठिकाने पाक-अधिकृत कश्मीर (PoK) से संचालित आतंकी गुटों से जुड़े हैं। इनमें से कुछ संदिग्धों के पहलगाम हमले में शामिल होने के सबूत मिले हैं।
अब क्या?
सरकार ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद और उसकी झूठी प्रचार मशीनरी के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। सुरक्षा एजेंसियों ने घाटी में और ऑपरेशन जारी रखने की योजना बनाई है।








