लातेहार। रखंड के लातेहार जिले के ईचाबार जंगल में शनिवार सुबह पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में जेजेएमपी (झारखंड जनसंघर्ष मुक्ति मोर्चा) का सुप्रीमो पप्पू लोहरा मारा गया। उसके साथ 5 लाख का इनामी सबजोनल कमांडर प्रभात गंझू भी मुठभेड़ में मारा गया है। एक अन्य नक्सली घायल हुआ है जिसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुठभेड़ के दौरान सेट वन का एक जवान अवध सिंह भी घायल हुआ, जिसे एयरलिफ्ट कर रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसपी गौरव के नेतृत्व में चला ऑपरेशन
पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि पप्पू लोहरा अपने साथियों के साथ किसी बड़ी घटना की योजना बना रहा है। इस पर लातेहार एसपी कुमार गौरव के नेतृत्व में सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने ईचाबार जंगल में सर्च अभियान चलाया। इसी दौरान नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसका जवाब सुरक्षाबलों ने भी दिया।
सुरक्षा बलों ने दो नक्सलियों को किया ढेर
करीब एक घंटे चली मुठभेड़ में जेजेएमपी का शीर्ष कमांडर पप्पू लोहरा और उसका साथी प्रभात गंझू मारा गया। पप्पू पर 10 लाख और प्रभात पर 5 लाख का इनाम घोषित था।
एक दौर में पुलिस से था पप्पू का संबंध
बताया जाता है कि 2018 में पप्पू लोहरा का एक फोटो वायरल हुआ था जिसमें वह पुलिस अधिकारियों के साथ नजर आया था। उस समय दावा किया गया था कि पप्पू पुलिस को माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों में मदद कर रहा था। तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका पर सवाल उठे थे।
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पुलिस पर जेजेएमपी खड़ा करने का भी आरोप
तस्वीर वायरल होने के बाद कई संगठनों ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने ही माओवादी संगठनों के खिलाफ लड़ाई के लिए जेजेएमपी खड़ा किया था और हथियार मुहैया कराए थे। बाद में यही संगठन पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया।
बकोरिया एनकाउंटर पर उठे थे सवाल
गौरतलब है कि 8 जून 2015 को पलामू के बकोरिया में एक मुठभेड़ में पुलिस ने 12 नक्सलियों को मारने का दावा किया था। इस मामले की जांच CBI कर रही है। आरोप है कि मारे गए लोग जेजेएमपी के उग्रवादी नहीं बल्कि निर्दोष ग्रामीण थे, जिन्हें पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया था।








