झांसी में तालाब में मिला 5वीं के छात्र का शव, 26 घंटे से था लापता

घर से खेलने निकला था 11 वर्षीय अंश, जंगल में बने तालाब में मिला शव; दादा ने हत्या कर शव फेंकने की जताई आशंका, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

झांसी। झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में पांचवीं कक्षा के 11 वर्षीय छात्र का शव तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। अंश गुरुवार शाम घर से चाय पीने के बाद खेलने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजन और पुलिस उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार रात करीब 11 बजे घर से लगभग तीन किलोमीटर दूर जंगल में बने तालाब में उसका शव मिला। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उसकी पहचान की। बच्चे के कपड़े भी घटनास्थल पर नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।

चाय पीकर खेलने निकला था अंश, फिर नहीं लौटा

अंश के पिता राजेश अहिरवार प्रेमनगर क्षेत्र के हंसारी स्थित हरिजन कॉलोनी में रहते हैं और मजदूरी करते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और चार बच्चे हैं। अंश तीसरे नंबर पर था। वह घर के पास स्थित रामलखन स्कूल में पांचवीं कक्षा में पढ़ता था।

परिजनों के मुताबिक, गुरुवार को अंश स्कूल नहीं गया था। शाम करीब छह बजे उसने घर पर चाय पी और खेलने के लिए बाहर निकल गया। देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू कर दी। रात करीब 11 बजे परिजन चौकी पहुंचे और बच्चे के लापता होने की सूचना दी।

रातभर तलाश के बाद भी नहीं मिला सुराग

अंश के दादा तुलसी अहिरवार ने बताया कि परिवार ने गुरुवार रातभर बच्चे को तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह से पुलिस और परिजन भी उसकी तलाश में जुटे रहे। इसके बावजूद बच्चे के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

शुक्रवार रात करीब 11 बजे एक पड़ोसी ने परिवार को जंगल में बने तालाब में बच्चे का शव मिलने की सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे तो पुलिस पहले से मौजूद थी। वहां अंश का शव मिला। परिजनों के अनुसार, शव पर कपड़े नहीं थे और उसके कपड़े भी नहीं मिले।

दादा ने जताई हत्या की आशंका

अंश के दादा तुलसी अहिरवार ने आशंका जताई कि उनके पोते की हत्या कर शव तालाब में फेंका गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई। पुलिस ने कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की जानकारी मिल सकेगी।

मामले में बच्चे की मौत की परिस्थितियों, कपड़े नहीं मिलने और परिजनों की आशंका समेत सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। फिलहाल हत्या की आशंका को परिजनों के आरोप के रूप में ही देखा जा रहा है।

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