अंबेडकरनगर। भीटी तहसील अंतर्गत ग्राम सभा लोहझरा में गाटा संख्या 106 की जंगल ढाक भूमि पर दोबारा अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। राजस्व अभिलेखों के प्रपत्र 41 और 45 में दर्ज यह भूमि ग्राम सभा की संपत्ति है और जंगल ढाक खाते में दर्ज होने के कारण संरक्षित श्रेणी में आती है। इसके बावजूद कब्जेदारों द्वारा दोबारा खेती किए जाने की जानकारी सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप है कि पूर्व में प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद स्थिति यथावत बनी हुई है।
पहले हुई थी बेदखली की कार्रवाई
राजस्व विभाग के सूत्रों के अनुसार उपजिलाधिकारी भीटी ने पूर्व में इस भूमि को खाली कराने के आदेश पारित किए थे। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा अवैध कब्जेदारों को नोटिस भी तामील कराया गया था। मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए आख्या तहसीलदार को प्रेषित की गई थी।
तहसील स्तर से राजस्व निरीक्षक को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, दो वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो अंतिम आख्या प्रस्तुत होने की जानकारी सामने आई और न ही मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि हो सकी।
दोबारा खेती शुरू, ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का आरोप है कि नोटिस और प्रारंभिक कार्रवाई के बाद भी भूमि पर पुनः कब्जा कर खेती शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि यह भूमि पर्यावरणीय दृष्टि से महत्वपूर्ण है और यहां पेड़-पौधों की कटाई से प्राकृतिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।
कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि ग्राम सभा ने इस भूमि को वन विभाग को सौंपने का समर्थन किया था, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इस कारण कब्जेदारों के हौसले बढ़े हैं।








