- दिल्ली में विपक्षी सांसदों का चुनाव आयोग तक मार्च
- राहुल गांधी का आरोप – भाजपा ने कम अंतर से जीती 25 सीटें, ECI दे डेटा
- बीजेपी ने राहुल पर बिना सबूत आरोप लगाने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। कर्नाटक के सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना ने सोमवार को पद से इस्तीफा दे दिया। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाने के बाद पद छोड़ने के निर्देश दिए थे।
यह इस्तीफा ऐसे समय पर आया है जब कांग्रेस खुद चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है। सोमवार को दिल्ली में विपक्ष के 300 सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च किया।
राजन्ना ने पहले इस्तीफे से इनकार करते हुए कहा था, “मैं मुख्यमंत्री से चर्चा करूंगा, तब तक कुछ नहीं कहूंगा। सिर्फ कहने पर मैं इस्तीफा क्यों दूं?” वहीं, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी बिना सबूत चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर राजनीतिक नाटक कर रहे हैं।
8 अगस्त को राहुल की ‘वोट अधिकार रैली’
8 अगस्त को राहुल गांधी ने बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित ‘वोट अधिकार रैली’ में कहा था कि नरेंद्र मोदी तीसरी बार 25 सीट के मार्जिन से प्रधानमंत्री बने हैं। इनमें से 25 सीटें ऐसी हैं, जिन्हें बीजेपी ने 35 हजार या उससे कम वोटों से जीता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इलेक्ट्रॉनिक डेटा मिल जाए, तो यह साबित किया जा सकता है कि चुनाव में धांधली हुई है।
राहुल ने चुनाव आयोग से देश के पिछले 10 साल की इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट और वीडियोग्राफी देने की मांग की और कहा कि यह डेटा न देना “क्राइम” है।







