लखनऊ। राजधानी लखनऊ में हाउस टैक्स जमा न करने वाले बड़े बकायेदारों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली है। बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद टैक्स जमा न करने वाले कमर्शियल और सरकारी भवनों पर अब सीधे सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम की यह कार्रवाई नए साल से शुरू होने जा रही है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अब बकायेदारों को अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। यदि इसके बाद भी हाउस टैक्स जमा नहीं किया गया तो संबंधित भवनों के एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक को सील कर दिया जाएगा।
लुलु मॉल से लेकर एयरपोर्ट टर्मिनल तक सूची में शामिल
नगर निगम ने शहर के सभी आठ जोनों में सबसे ज्यादा टैक्स बकाया रखने वाले टॉप-5 भवनों की सूची तैयार की है। इस सूची में लुलु मॉल, लारी कार्डियोलॉजी, क्वीन मेरी हॉस्पिटल, जनपथ भवन, एयरपोर्ट टर्मिनल, शालीमार गेटवे मॉल समेत कई सरकारी और निजी प्रतिष्ठान शामिल हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इन सभी को जल्द नोटिस भेजकर बकाया टैक्स जमा करने के निर्देश दिए जाएंगे।
142 करोड़ रुपये से ज्यादा का हाउस टैक्स बकाया
नगर निगम अफसरों के मुताबिक, इन बड़े भवनों पर कुल मिलाकर 142 करोड़ रुपये से अधिक का हाउस टैक्स बकाया है। टैक्स वसूली के लिए निगम लगातार विशेष टीमें गठित कर रहा है और नियमित रूप से समीक्षा बैठकें भी की जा रही हैं।
चीफ टैक्स असेसमेंट ऑफिसर अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बड़े बकायेदारों को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। अब टॉप बकायेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया है।
जोनवार टॉप बकायेदारों की सूची
जोन-1
- जनपथ भवन (सचिवालय) – 6.66 करोड़
- रविंद्रालय, चारबाग – 3.55 करोड़
- रामकृष्ण मिशन – 2.39 करोड़
- बहुखंडी भवन – 1.80 करोड़
- रोहित, सुरेश अरोड़ा – 1.76 करोड़
जोन-2
- लारी कार्डियोलॉजी – 2.85 करोड़
- क्वीन मेरी हॉस्पिटल (पुराना) – 2.09 करोड़
- डीएवी कॉलेज – 1.82 करोड़
- दंत विभाग (पुराना भवन) – 1.51 करोड़
- शताब्दी अस्पताल फेज-2 – 1.51 करोड़
जोन-3
- विवेकानंद अस्पताल – 5.32 करोड़
- श्रमजीवी महिला आश्रम – 93 लाख
- संस्कृति संपदा अनुसंधान – 86 लाख
- एसटीएफ ऑफिस – 58 लाख
- दिनेश चंद्र तिवारी – 41 लाख
जोन-4
- बीबीडी एजुकेशन सोसाइटी – 8.63 करोड़
- एचसीएल आईटी सिटी – 6.87 करोड़
- राम स्वरूप कॉलेज – 4.12 करोड़
- डीआर होटल्स – 2.23 करोड़
- आईबी आवास – 2.04 करोड़
जोन-5
- शूटिंग रेंज – 13.46 करोड़
- शालीमार गेटवे मॉल – 3.40 करोड़
- यूपी एटीएस – 1.73 करोड़
- अजित सिंह आरएवी – 96 लाख
- परिवार कल्याण महानिदेशालय – 87 लाख
जोन-6
- डॉ. शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय – 9.56 करोड़
- जल निगम (शहरी) – 2.97 करोड़
- सचिव कृषि उत्पादन मंडी – 96 लाख
- चरणजीत सिंह – 80 लाख
- कंपोजिट रीजनल सेंटर – 79 लाख
जोन-7
- सरस्वती डेंटल कॉलेज – 3.49 करोड़
- टाटा मोटर्स – 3.10 करोड़
- सिटी लॉ ग्रुप कॉलेज – 83 लाख
- गुरु गोबिंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज – 49 लाख
- सप्रभा इंडस्ट्रियल लिमिटेड – 4.5 लाख
जोन-8
- लुलु मॉल – 17.85 करोड़
- न्यू एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग – 17.58 करोड़
- द सेंट्रम होटल – 9.49 करोड़
- मौसम विभाग मुख्यालय – 3.00 करोड़
- आवास विकास परिषद – 2.87 करोड़








