
अम्बेडकरनगर। विकासखंड अकबरपुर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कहरा सुलेमपुर को लगभग छह दशक बाद स्थायी आवागमन का रास्ता मिल गया है। ग्राम पंचायत गयासपुर में स्थित यह विद्यालय अब तक चारों ओर से निजी बाग भूमि से घिरा हुआ था, जिससे छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने के लिए निजी खेतों और बागों से होकर गुजरना पड़ता था। रास्ते की अनुपलब्धता लंबे समय से विद्यालय संचालन में बड़ी बाधा बनी हुई थी।
निजी बागों के बीच फंसा था विद्यालय
प्राथमिक विद्यालय कहरा सुलेमपुर की स्थापना के बाद से ही विद्यालय तक पहुंचने के लिए कोई सरकारी या सार्वजनिक मार्ग उपलब्ध नहीं था। चारों ओर निजी खातेदारों की बाग भूमि होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को रोजाना असुविधाजनक रास्तों से होकर विद्यालय आना-जाना पड़ता था। कई बार विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो जाती थी, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित होता रहा।
बरसात में टापू बन जाता था स्कूल
बरसात के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती थी। चारों ओर पानी भर जाने से विद्यालय पूरी तरह टापू जैसा बन जाता था। ऐसे में नन्हे छात्र-छात्राओं का विद्यालय पहुंचना जोखिम भरा हो जाता था। कई बार जलभराव के कारण उपस्थिति बेहद कम हो जाती थी, जिसका सीधा असर पठन-पाठन पर पड़ता था। शिक्षक भी नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पाते थे।
मीडिया में उठी समस्या, प्रशासन ने लिया संज्ञान
विद्यालय तक रास्ता न होने की समस्या को स्थानीय लोगों ने मीडिया के माध्यम से उजागर किया। मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी जलालपुर को मौके पर भेजा। प्रशासनिक पहल के बाद वर्षों से लंबित समस्या के समाधान की प्रक्रिया शुरू हुई।








