
उमरिया। साल 2024 के पुणे हिट एंड रन मामले में जान गंवाने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया की मां सविता आज भी अपने बेटे की यादों में डूबी रहती हैं। उनकी आंखें नम हो जाती हैं, जब वह बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर कहती हैं—
“अब बस उसकी यही तस्वीर मेरे पास बची है। जब इसे हाथ में लेती हूं, तो लगता है जैसे बचपन में उसे गोद में उठाया करती थी।”
आंसू पोंछते हुए सविता बताती हैं कि उनके इलाके में यह परंपरा है कि किसी की मृत्यु के बाद उसकी कोई भी वस्तु घर में नहीं रखी जाती। सब कुछ अस्थियों के साथ विसर्जित कर दिया जाता है। अनीश के लिए भी यही परंपरा निभानी पड़ी।
जमानत से बढ़ा परिजनों का दर्द
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में ब्लड सैंपल बदलने के आरोपियों को जमानत दे दी है। इसके बाद से उमरिया और जबलपुर में रहने वाले दोनों मृतकों के परिजन बेहद परेशान और आहत हैं। उन्हें डर है कि अब न्याय की राह और मुश्किल हो सकती है।
18 मई 2024 की दर्दनाक रात
यह मामला 18 मई 2024 की रात पुणे के कल्याणी नगर में हुए हादसे से जुड़ा है। एक बिजनेसमैन के नशे में धुत नाबालिग बेटे ने तेज रफ्तार पोर्श कार से बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी थी।
इस हादसे में—







