
अंबेडकरनगर: भीटी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्टाफ नर्स को संविदा मानदेय के साथ स्थायी नौकरी का वेतन मिलने की घटना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) डॉ. रामानंद ने अंजू मिश्रा, डीडीएम वंशमणि पांडेय और डीपीएम अनिल कुमार मिश्रा के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।
घटना की रूपरेखा
अंजू मिश्रा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भीटी सीएचसी में संविदा एएनएम के पद पर कार्यरत थीं। सितंबर 2023 में उन्हें स्टाफ नर्स के पद पर स्थायी नियुक्ति मिल गई। इसके बावजूद उनके खाते में संविदा का मानदेय जमा होता रहा और सरकारी वेतन भी उन्हें प्राप्त होता रहा।
जांच में खुलासा
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने लेखा प्रबंधक से दस्तावेज मांगे। जांच में पाया गया कि अंजू मिश्रा के एसबीआई खाते में 59,250 रुपये और कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 2,23,195 रुपये अतिरिक्त जमा हुए थे। इसके बाद दोनों खातों पर रोक लगाई गई। अंजू ने स्पष्टीकरण में कहा कि एसबीआई में आई राशि एनएचएम प्रोत्साहन के रूप में मिली थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी थी, लेकिन डीपीएम और डीडीएम ने इसे लिपिकीय त्रुटि बताकर कार्रवाई नहीं की।
अनियमितता और कार्रवाई
उपस्थिति पंजिका की जांच में यह भी सामने आया कि अंजू मिश्रा ने एएनएम के पद पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, फिर भी मानदेय भेजा गया। अधिकारियों ने इसे कर्मचारियों के नामों में गड़बड़ी बताई। मामले की पुष्टि के बाद, अंजू मिश्रा ने 6 फरवरी 2026 को राशि ब्याज सहित वापस जमा कर दी। उन्हें 19 फरवरी को निलंबित किया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर सीएमओ डॉ. रामानंद सिद्धार्थ ने दोषी पाए जाने पर अंजू मिश्रा, डीपीएम अनिल कुमार और डीडीएम वंशमणि पांडेय के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया।








