आगरा। स्टेट जीएसटी विभाग की टीम ने गुरुवार को ट्रांस यमुना क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक फर्म और एक प्रसिद्ध रेस्टोरेंट पर छापा मारा। फर्म से 49.50 लाख रुपये जमा कराए गए हैं, जबकि रेस्टोरेंट की संचालिका ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर टीम पर अभद्रता और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
टीडीएस गड़बड़ी और रिटर्न फाइल न करने पर फर्म पर कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, ट्रांस यमुना स्थित एक फर्म जो ट्रेनों में आईआरसीटीसी के माध्यम से फूड सप्लाई करती है, उसकी जांच स्टेट जीएसटी के AI आधारित फ्रॉड एनालिटिक्स पोर्टल के जरिए की गई। जांच में टीडीएस काटे जाने और घोषित सप्लाई में गड़बड़ी पाई गई। साथ ही, चार महीने से रिटर्न भी दाखिल नहीं किया गया था।
फर्म से मौके पर ही ₹49.50 लाख की वसूली की गई। कार्रवाई अपर आयुक्त ग्रेड-1 पंकज गांधी और ग्रेड-2 अंजनी अग्रवाल के निर्देशन में हुई। संयुक्त आयुक्त बीडी शुक्ला के नेतृत्व में इटावा, टूंडला और अलीगढ़ स्थित ब्रांचों की भी जांच की गई।
रेस्टोरेंट पर छापा, संचालिका ने लगाए गुंडागर्दी के आरोप
जीएसटी टीम ने जैन रेस्टोरेंट, ट्रांस यमुना और शमसाबाद रोड स्थित दोनों इकाइयों पर छापा मारा। छापे के दौरान संचालक मौके से फरार हो गया और आस-पास की दुकानें भी बंद हो गईं।
रेस्टोरेंट संचालक की पत्नी संजू जैन ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर कई वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया कि जीएसटी टीम ने उनके साथ रातभर अभद्रता की, डीवीआर जब्त कर ली, कैमरे बंद करा दिए, और पांच लाख रुपये जबरन ले लिए। महिला ने यह भी कहा कि उनके बेटे की तबीयत खराब होने के बावजूद टीम ने उन्हें घर नहीं जाने दिया और एक करोड़ रुपये की मांग की गई।
वायरल वीडियो में गंभीर आरोप
संचालिका ने कहा कि उन्हें और उनके पति को रातभर परेशान किया गया, धमकी दी गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। वायरल वीडियो में महिला कहती दिख रही हैं, “मैं कहां से 40 लाख रुपये दूं? मेरे पास तो खाने को भी पैसे नहीं हैं।” उन्होंने कहा कि टीम ने कहा, “तुम्हारा बेटा मर जाए तो मर जाने दो।”
अब जांच के घेरे में टीम का व्यवहार
घटना के बाद यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है और जीएसटी टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक संचालिका के आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।







