- तुफैल ने यूपी के कई जिलों में नफीसा का कनेक्शन फैलाया, 240 भारतीय युवाओं को जोड़ा
- नफीसा ने युवाओं को उकसाकर बाबरी मस्जिद विवाद का बदला लेने की बात कही
- ATS और NIA की टीम ने तुफैल के अलावा अन्य 5 संदिग्धों की पहचान की
वाराणसी। वाराणसी में गिरफ्तार जासूस तुफैल ने पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी की पत्नी नफीसा का उत्तर प्रदेश में बड़ा कनेक्शन फैलाया था। सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया कि नफीसा ने मजलिसों और धार्मिक कार्यक्रमों के बहाने कई युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ा था। नफीसा का वाराणसी, लखनऊ, बरेली, कन्नौज, मुरादाबाद और रामपुर जिलों से मजबूत संबंध पाया गया है।
एटीएस की जांच में यह भी पता चला कि नफीसा की सोशल मीडिया फ्रेंड लिस्ट में लगभग 240 भारतीय युवा शामिल थे, जिनमें से छह यूपी के युवा थे, जिनसे वह नियमित चैट, वॉयस और वीडियो कॉल करती थी। नफीसा युवाओं को भारत में मुसलमानों पर हो रहे कथित अत्याचार का बदला लेने के लिए उकसाती थी और बाबरी मस्जिद को लेकर कटु संदेश देती थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने तुफैल की मदद से नफीसा का स्कैच भी तैयार किया है, हालांकि उसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा तुफैल के साथ जुड़े पांच अन्य संदिग्धों को भी ATS और NIA की नजर में रखा गया है।
धार्मिक कट्टरता का संदेश:
नफीसा ने उत्तर प्रदेश के नौ शहरों में 200 से अधिक युवाओं को फॉलो किया था। उसने विशेष रूप से कौम के युवाओं को प्राथमिकता दी और पाकिस्तान की कट्टर इस्लामी संस्था तहरीक-ए-ब्लैक पाकिस्तान के नेता मौलाना साद रिजवी की तकरीरों से युवाओं को प्रेरित किया। वह सोशल मीडिया के माध्यम से पहले युवाओं की धार्मिक भावनाओं को छेड़ती और फिर उन्हें कट्टरपंथी विचारों से जोड़ती।








