
अंबेडकरनगर: एलपीजी उपभोक्ताओं से जबरन सुरक्षा पाइप बेचने की शिकायतों पर जिला पूर्ति विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला पूर्ति अधिकारी शिवकांत पांडेय ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गैस एजेंसी को उपभोक्ताओं पर पाइप खरीदने का दबाव बनाने की अनुमति नहीं है।
जबरन वसूली की मिल रही थीं शिकायतें
जिले में कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि केवाईसी कराने के दौरान गैस एजेंसियां 190 रुपये में 1.5 मीटर सुरक्षा हौज पाइप जबरदस्ती बेच रही हैं। इस पर विभाग ने संज्ञान लिया है।
पांच साल में बदलना जरूरी
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा हौज पाइप को हर पांच वर्ष में बदलना जरूरी होता है। इससे गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं से बचाव होता है। एजेंसियों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पाइप आईएसआई मार्क और डबल कोटेड वायरयुक्त होते हैं।
जबरदस्ती बिक्री पर रोक
जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि एजेंसियां उपभोक्ताओं को केवल सलाह दे सकती हैं। यदि पाइप पुराना या खराब है तो उसे बदलने के लिए कहा जा सकता है, लेकिन जबरदस्ती बिक्री नहीं की जा सकती।
नियमों के तहत होगी कार्रवाई
स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी एजेंसी के खिलाफ जबरन पाइप बेचने की शिकायत मिलती है तो एमजीडी गाइडलाइन 2022 के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं को दी गई सलाह
उपभोक्ताओं से कहा गया है कि यदि उनका पाइप पांच साल से अधिक पुराना है या उसमें कट-फट या दरार है तो उसे बदल लें। इससे सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। विभाग ने सभी गैस एजेंसियों को निर्देश दिया है कि नियमों का पालन करें और उपभोक्ताओं के साथ किसी तरह की जबरदस्ती न करें।








