- गोंडा से 121 किमी पैदल चलकर पहुंचे छात्र कांवड़िये
- सीएम योगी को जल चढ़ाने और फीस नियंत्रण कानून की मांग लेकर पहुंचे थे
- पुलिस पर छात्रों को मारने, उंगली तोड़ने व गर्दन दबाने के आरोप
लखनऊ। गोंडा से 121 किमी की पैदल यात्रा कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ पहुंचे छात्र कांवड़ियों को पुलिस ने शनिवार सुबह मुख्यमंत्री आवास के बाहर रोक दिया। छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें बस में जबरन भरकर इको गार्डन भेज दिया। इस दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस पर मारपीट, उंगली तोड़ने और गर्दन दबाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के बैनर तले यात्रा कर रहे इन छात्रों का कहना है कि वे मुख्यमंत्री योगी को सरयू जल अर्पित करना चाहते थे और फीस नियंत्रण कानून की मांग रखना चाहते थे। छात्र कांवड़ियों ने कहा कि मुख्यमंत्री को वे भगवान मानते हैं और इसी श्रद्धा के साथ वे यह यात्रा कर यहां तक पहुंचे हैं।
“हम तो भगवान योगी से मिलने आए थे, अपराधी नहीं हैं”
छात्रों का कहना है कि वे शुक्रवार दोपहर भारी बारिश के बावजूद रुके नहीं और देर शाम लखनऊ पहुंचे। रात को BBD के पास एक अपार्टमेंट में ठहरने के बाद वे शनिवार सुबह सरयू जल लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। लेकिन वहां पहले से तैनात पुलिस ने उन्हें रोक लिया और कथित रूप से बसों में जबरदस्ती बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत के अध्यक्ष शिवम पांडेय ने कहा, “हमारे पैरों में छाले पड़ चुके हैं, लेकिन मन में एक ही संकल्प था कि भगवान योगी से मिलकर शिक्षा के हक में बात करेंगे। पर पुलिस ने हमारी बात सुनने के बजाय हमें गाड़ी में भर दिया, मेरी उंगली तोड़ दी गई और गर्दन दबाने की कोशिश की गई। क्या हम आतंकी हैं?”
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस पर जताया विरोध
यात्रा के संयोजक सतीश मिश्रा ने बताया कि कांवड़ यात्रा गोंडा से शुरू हुई थी और बालपुर, करनैलगंज होते हुए जरवल में विश्राम किया गया। छात्रों की मुख्य मांग है कि राज्य सरकार मानसून सत्र में फीस नियंत्रण कानून लाए, ताकि निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर अंकुश लगाया जा सके।
छात्रों ने सवाल उठाया कि जब अन्य कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाते हैं, तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने से क्यों रोका गया? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती, तो वे प्रदेशभर में आंदोलन तेज करेंगे।








