
अंबेडकरनगर। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), नई दिल्ली द्वारा आयोजित रीजनल प्रस्तुति प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक श्याम सिंगार यादव ने प्रभावशाली प्रस्तुति देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। प्रतियोगिता का विषय “प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में विद्यालयों की भूमिका” रहा, जिसमें उनकी प्रस्तुति को जजों और दर्शकों से विशेष सराहना मिली।
तीन राज्यों की प्रस्तुतियों में यूपी की प्रस्तुति रही प्रभावशाली
सीसीआरटी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में अब तक तीन राज्यों की प्रस्तुतियां हो चुकी हैं। इनमें उत्तर प्रदेश की ओर से प्रस्तुत श्याम सिंगार यादव की प्रस्तुति विषयवस्तु, भाव और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के स्तर पर अलग पहचान बनाने में सफल रही। सीसीआरटी के विशेषज्ञ निर्णायकों ने उनकी प्रस्तुति को समग्र, संतुलित और विषय के अनुरूप बताया।
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को किया जीवंत
प्रस्तुति के दौरान श्याम सिंगार यादव ने सीसीआरटी द्वारा निर्धारित सभी विषयों को बिना किसी टॉपिक को छोड़े प्रस्तुत किया। इसमें अंबेडकरनगर स्थित श्रवण धाम की मातृ-पितृ भक्ति परंपरा, ताजमहल की प्रेम विरासत, वाराणसी की प्राचीन सभ्यता और घाट, अयोध्या में राम जन्मभूमि, मथुरा-वृंदावन की कृष्ण लीला, कथक नृत्य, बनारसी साड़ी, गंगा-यमुना की सांस्कृतिक महत्ता और दुधवा टाइगर रिजर्व जैसे विषय शामिल रहे।
शायरी, कथक मुद्राओं और लोकनृत्य का प्रभावी प्रयोग
प्रस्तुति को प्रभावी बनाने के लिए भावपूर्ण शायरी, कथक की मुद्राएं और लोकनृत्य का प्रयोग किया गया। इसके माध्यम से न केवल सांस्कृतिक धरोहर का परिचय दिया गया, बल्कि उनके संरक्षण का संदेश भी स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया। जजों ने प्रस्तुति की रचनात्मकता और शैक्षिक दृष्टिकोण की प्रशंसा की।








