लखनऊ में क्षत्रिय संगठनों का उग्र प्रदर्शन-पुलिस से झड़प- बैरिकेडिंग तोड़ी

  • रामजी लाल के बयान पर फूटा क्षत्रिय समाज का गुस्सा

  • प्रदर्शनकारियों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, पुलिस से हुई झड़प

  • जय भवानी के नारों के साथ सड़क पर उतरे हजारों लोग

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सोमवार को क्षत्रिय समाज का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। समाज के सैकड़ों लोग 1090 चौराहे पर एकत्र होकर समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के राणा सांगा को लेकर दिए गए बयान के विरोध में प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सीएम आवास की ओर कूच करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो हालात तनावपूर्ण हो गए।

प्रदर्शन के दौरान भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ गई, जिससे पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई लोग पुलिस की गाड़ी पर भी चढ़ गए। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने बीच सड़क पर बैठकर ‘जय भवानी-जय भवानी’ के नारे लगाए और कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी।

इस आंदोलन में प्रदेशभर के 36 क्षत्रिय संगठनों ने भाग लिया और एक स्वर में रामजी लाल सुमन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शनकारी सुबह 10 बजे से 1090 चौराहे पर जुटने लगे थे। इसके बाद वे हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा तक मार्च करना चाहते थे। पूरे मार्च रूट पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

प्रदर्शन का कारण:
सपा सांसद रामजी लाल सुमन द्वारा राणा सांगा के खिलाफ दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान को लेकर क्षत्रिय समाज में नाराजगी है। प्रदर्शनकारियों ने इस बयान को क्षत्रिय गौरव का अपमान बताते हुए सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन की सख्ती:
प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने शहर के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी। भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। हालांकि, बैरिकेडिंग तोड़ने और गाड़ियों पर चढ़ने जैसी घटनाओं ने प्रशासन की चुनौतियों को बढ़ा दिया।

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