
अम्बेडकरनगर में एआरटीओ कार्यालय से स्थानांतरित एक लेखाकार के मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर 2025 को एआरटीओ कार्यालय से बेसिक शिक्षा विभाग में स्थानांतरण के बाद भी संबंधित कर्मचारी ने नई तैनाती नहीं ज्वाइन की है।
बताया जा रहा है कि लेखाकार अमित कुमार का स्थानांतरण बेसिक शिक्षा विभाग में किया गया था। इसके बावजूद वह अब भी एआरटीओ कार्यालय में कार्यरत हैं। जबकि निदेशालय के निर्देश पर अन्य स्थानांतरित कर्मचारी नई जगह पर कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं।
कार्यालय में सक्रियता पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, एआरटीओ कार्यालय में लेखाकार का दखल अब भी बना हुआ है। कार्यालय के कमरा नंबर 4 और काउंटर नंबर 2 पर उनकी सक्रियता बताई जा रही है। आरोप है कि वह कार्यालय के विभिन्न कार्यों में हस्तक्षेप करते हैं।
इसके अलावा, यह भी आरोप सामने आए हैं कि कुछ निजी युवकों से कार्यालय में काम कराया जा रहा है। इससे कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध कमाई के आरोप, जांच की मांग
मामले में लेखाकार पर अवैध कमाई के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि स्थानांतरण के बाद भी पद पर बने रहना नियमों के खिलाफ है। इसको लेकर जांच की मांग की जा रही है।
उच्च स्तर पर की गई शिकायत
मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है। शिकायत में योगी आदित्यनाथ, परिवहन मंत्री और परिवहन आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की गई है।









