- लखनऊ में 15 लोगों की ‘घर वापसी’, शुद्धिकरण कर हिंदू धर्म में लौटे
- विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने किया आयोजन, भगवा गमछा व तिलक लगाया गया
- बलरामपुर के झांगुर बाबा पर धर्मांतरण में शामिल होने का आरोप
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गुरुवार को विश्व हिंदू रक्षा परिषद ने 15 लोगों का ‘शुद्धीकरण संस्कार’ कराकर उन्हें दोबारा हिंदू धर्म में वापस लाया। इन सभी ने पहले कथित रूप से लव जिहाद और पैसों के लालच में आकर इस्लाम धर्म स्वीकार किया था। ‘घर वापसी’ के इस आयोजन में सभी को भगवा गमछा पहनाया गया, माथे पर तिलक लगाया गया और शनिदेव मंदिर में पूजा करवाई गई। इस दौरान ‘जय श्रीराम’ के नारों से माहौल गूंज उठा। आयोजन के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
धर्म परिवर्तन की साजिश में बाबा और युवक शामिल
जानकारी के अनुसार, बलरामपुर के झांगुर बाबा पर आरोप है कि उन्होंने कई लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए पैसों का लालच दिया। वहीं मेराज अंसारी नामक युवक ने ‘रुद्र शर्मा’ बनकर एक हिंदू लड़की से जबरन निकाह किया और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी।
पीड़िता की आपबीती: निकाह, धोखा और ब्लैकमेल
मानवी शर्मा नाम की युवती ने बताया कि वह रुद्र शर्मा के झांसे में आ गई, जो बाद में मेराज अंसारी निकला। उसने झांगुर बाबा से मिलवाने के बहाने निकाह करवा दिया। जब सच्चाई सामने आई, तो वह अपने माता-पिता के पास लौट गई। मेराज ने उसे और उसके परिवार को वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया और उसकी छोटी बहन से भी निकाह की धमकी दी। जब पीड़िता के पिता ने इसका विरोध किया, तो मेराज की मौत हो गई। इस मामले में पीड़िता के माता-पिता जेल में बंद हैं।
“ढाई लाख और झूठे मुकदमे वापस करवाने का लालच दिया गया”
बलरामपुर के हरजीत ने बताया कि धर्म बदलने से इंकार करने पर बाबा झांगुर ने उसके ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज करवा दिए। बाद में ढाई लाख रुपए और नौकरी का लालच देकर उसे इस्लाम धर्म कबूल करवाया गया। अब वह वापस अपने मूल धर्म में लौट आया है।








