अंबेडकरनगर। पर्यावरण संरक्षण को लेकर जिले में इस बार वन विभाग पूरी तैयारी से मैदान में है। 9 जुलाई को एक ही दिन में 34 लाख पौधों का वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। शासन स्तर से निर्देश जारी हो चुके हैं और जिम्मेदारियों का वितरण भी अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार हर विभाग को पौधारोपण लक्ष्य दिया गया है, जिसे तय तिथि पर पूरा किया जाएगा।
पवित्रधारा वन: घाघरा के किनारे हरियाली की नई पहचान
वन विभाग के अनुसार इस बार विशेष फोकस घाघरा नदी के पांच किलोमीटर के भीतर के क्षेत्र पर रहेगा। इसे ‘पवित्रधारा वन’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए जिले में 31 स्थानों का चयन कर लिया गया है, जहां नियोजित ढंग से पौधे रोपित किए जाएंगे।
273 हेक्टेयर वन क्षेत्र विस्तार की संभावना
यदि अभियान के बाद पौधों की देखरेख और संरक्षण को प्राथमिकता दी गई, तो जनपद में 273 हेक्टेयर नया वन क्षेत्र विकसित किया जा सकता है। इसके लिए प्रशासन पौधों की सुरक्षा, ट्री गार्ड, पानी की व्यवस्था और ग्रामीण सहभागिता पर जोर दे रहा है।
हर विभाग की जिम्मेदारी तय
इस बार सिर्फ वन विभाग नहीं, बल्कि ग्राम्य विकास, जलशक्ति, पंचायती राज, नगर विकास, कृषि, पशुपालन, ऊर्जा, शिक्षा, लोक निर्माण व सहकारिता विभाग को भी पौधरोपण के लिए जिम्मेदारी दी गई है। सभी को अपने विभागीय लक्ष्य 9 जुलाई को पूर्ण करने होंगे।
जनपद की प्रमुख पौधशालाओं में तैयार पौधों से ही रोपण कार्य होगा।जलालपुर के अशरफपुर मजगवां की पौधशाला में पपीता, अमरूद, आम, नींबू, अशोक, यूकेलिप्टस, शीशम, पीपल, पाकड़, बरगद आदि के पौधे तैयार हैं।इसके अतिरिक्त अकबरपुर के लोरपुर, पहितीपुर, बसखारी व टांडा की पौधशालाओं से भी पौधे भेजे जाएंगे।








