अंबेडकरनगर। भारतीय तटरक्षक बल में 36 वर्ष तक सेवाएं देने के बाद हृदय नारायण सिंह सेवानिवृत्त होकर अपने गांव भौसिंमपुर लौटे। 12 अक्टूबर को गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। इस दौरान परिवारजन, मित्र और ग्रामीण मौजूद रहे।
गंगा सिंह के पुत्र हृदय नारायण सिंह ने 21 मार्च 1991 को भारतीय तटरक्षक बल में सेवा शुरू की थी। वह प्रधान सहायक इंजीनियर (रेडियो) के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनके सेवाकाल के करीब 19 वर्ष समुद्र में और 17 वर्ष विभिन्न बेस पर बीते। कोलकाता में सेवाएं पूरी करने के बाद वह गांव लौटे।
देश के कई तटीय क्षेत्रों में दी सेवाएं
हृदय नारायण सिंह ने अपने सेवाकाल में देश के विभिन्न तटीय और अन्य प्रमुख केंद्रों पर जिम्मेदारी निभाई। इनमें विशाखापत्तनम, चेन्नई, पोर्ट ब्लेयर, मुंबई, कोच्चि, पारादीप, कराईकल, गांधीनगर और कोलकाता प्रमुख हैं। उन्होंने दिल्ली में भी सेवाएं दीं।
कानपुर से हासिल की तकनीकी शिक्षा
हृदय नारायण सिंह की प्रारंभिक शिक्षा कहरा सुलेमपुर में हुई। इसके बाद उन्होंने कानपुर में जूनियर हाईस्कूल से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की और राजकीय पॉलिटेक्निक, कानपुर से तकनीकी शिक्षा प्राप्त की। तटरक्षक बल में भर्ती होने के बाद उन्होंने चिल्का में बुनियादी प्रशिक्षण, मुंबई में समुद्री प्रशिक्षण और जामनगर में व्यावसायिक प्रशिक्षण लिया।
परिवार और ग्रामीणों ने किया स्वागत
हृदय नारायण सिंह का विवाह 12 जून 1990 को गीता सिंह से हुआ था। उनकी इकलौती बेटी ने एमबीए की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में कॉरपोरेट क्षेत्र में कार्यरत हैं।









