भाजपा के नए चेहरों पर दांव, पुराने कार्यकर्ताओं में उठे सवाल

अनुसूचित मोर्चा और महिला मोर्चा के जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन में चर्चा तेज

अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच भाजपा की जिला इकाई में नई नियुक्तियों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष परशुराम चौधरी और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष दीपिका साहू की ताजपोशी के बाद पार्टी के कुछ कार्यकर्ता संगठनात्मक अनुभव और जमीनी सक्रियता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। चर्चा का केंद्र यह है कि नई जिम्मेदारियां सौंपने में संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं के अनुभव और लंबे समय से सक्रिय लोगों की भूमिका को कितना महत्व दिया गया।
संगठन में सफर को लेकर चर्चा, सीधे जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी पर सवाल
अनुसूचित मोर्चा के जिलाध्यक्ष बनाए गए परशुराम चौधरी को लेकर कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्हें इससे पहले बूथ, मंडल या जिला स्तर पर किसी संगठनात्मक पद की जिम्मेदारी निभाते नहीं देखा गया। ऐसे में उन्हें सीधे जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनके संगठनात्मक सफर और पूर्व भूमिका को लेकर पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है।
दीपिका साहू की नियुक्ति के बाद क्षेत्र को लेकर असमंजस
महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष दीपिका साहू की नियुक्ति के बाद उनके राजनीतिक क्षेत्र और जिले में सक्रियता को लेकर भी चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर उन्हें आलापुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि कुछ कार्यकर्ता उनका संबंध टांडा विधानसभा क्षेत्र से बताते हैं। वहीं, एक अन्य चर्चा में उनका पैतृक गांव सतरही, अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र में होने की बात कही जा रही है। इन अलग-अलग दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
कुछ कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिले की सक्रिय राजनीति में दीपिका साहू की भूमिका अब तक व्यापक रूप से सामने नहीं आई थी। ऐसे में उनकी नियुक्ति के बाद संगठन में उनकी पूर्व सक्रियता और राजनीतिक अनुभव को लेकर जिज्ञासा बढ़ी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button