- 300 करोड़ की लागत से तैयार हुई निर्माण इकाई
- योगी बोले: आतंकवाद को प्यार की भाषा नहीं समझ आती
- डिफेंस कॉरिडोर से मिलेगी 1 लाख युवाओं को नौकरी
लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को लखनऊ में 300 करोड़ की लागत से बनी ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण यूनिट का वर्चुअली उद्घाटन किया। यह यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत भटगांव में स्थापित की गई है। इसमें देश की सबसे आधुनिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ का निर्माण होगा। इस परियोजना को रक्षा मंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माना जा रहा है।
सीएम योगी का हमला- आतंकवाद कुत्ते की पूंछ, ब्रह्मोस उसकी भाषा है
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आतंकवाद कुत्ते की पूंछ है, जो कभी सीधी नहीं होती। प्यार की भाषा नहीं समझती। आपने ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस की ताकत देखी होगी, नहीं देखी तो पाकिस्तान से पूछिए।” उन्होंने कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर हो चुका है और किसी पर निर्भर नहीं रहेगा।
डिफेंस कॉरिडोर बना युवाओं की उम्मीद, मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में पहले दंगे और अराजकता थी, अब निवेश आ रहा है। पिछले 8 वर्षों में सरकार ने 33 सेक्टरों के लिए 33 पॉलिसी बनाई हैं। डिफेंस कॉरिडोर के तहत अब तक 60,000 से अधिक नौजवानों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।
राजनाथ सिंह की पहल, लखनऊ बना डिफेंस का केंद्र
रक्षा मंत्री की पहल पर लखनऊ को डिफेंस हब के रूप में विकसित किया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा, “अब लखनऊ सिर्फ मुस्कुराने के लिए नहीं, दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए भी जाना जाएगा।”
भारत-रूस की साझेदारी से बना ब्रह्मोस प्रोजेक्ट
ब्रह्मोस एयरोस्पेस भारत की DRDO और रूस की सरकारी कंपनी NPOM का संयुक्त उपक्रम है। इसमें भारत की हिस्सेदारी 50.5% और रूस की 49.5% है। यह भारत का पहला विदेशी साझेदारी वाला रक्षा उद्यम है।








