
- पुतिन का नया प्रस्ताव, क्या बदल सकती है युद्ध की दिशा?
- जेलेंस्की की दो टूक, बिना शर्त युद्धविराम ही विकल्प
- ट्रम्प ने की तारीफ, बोले- यह इतिहास बनाने का समय
मॉस्को। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध में अब शांति की उम्मीदें फिर से जगती दिख रही हैं। रविवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बड़ा बयान देते हुए यूक्रेन के साथ सीधी बातचीत का प्रस्ताव रखा है। पुतिन ने कहा कि वह 15 मई को तुर्किये के इस्तांबुल में यूक्रेनी प्रतिनिधियों के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं।
यह प्रस्ताव उस समय आया है जब कीव और यूरोपीय नेताओं ने 12 मई से बिना शर्त 30 दिन के युद्धविराम की घोषणा की है। हालांकि, पुतिन ने इस ‘अल्टीमेटम’ को खारिज कर दिया है और कहा है कि यूक्रेन से बातचीत बिना किसी शर्त के फिर शुरू की जा सकती है।
जेलेंस्की बोले- शर्तें नहीं चलेंगी, 12 मई से पूर्ण युद्धविराम चाहिए
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि सोमवार से कम से कम 30 दिनों का बिना शर्त युद्धविराम जरूरी है। उन्होंने चेताया कि अगर रूस कोई शर्त रखने की कोशिश करता है तो यह शांति प्रक्रिया को कमजोर करेगा।
ट्रम्प का समर्थन, बोले- “दोनों देशों के लिए महान दिन”
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पुतिन के बातचीत के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा, “यह रूस और यूक्रेन दोनों के लिए महान दिन है। इससे लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।” ट्रम्प ने यह भी कहा कि अमेरिका अब युद्ध की बजाय पुनर्निर्माण और आर्थिक बाजार पर ध्यान केंद्रित करेगा।
ब्रिटेन ने दी चेतावनी, शांति से मुंह मोड़ा तो सख्त जवाब मिलेगा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कीव में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “अगर पुतिन शांति चाहते हैं, तो अब समय है इसे साबित करने का। अगर वे पीछे हटे, तो हम कड़ा जवाब देंगे।” उन्होंने रूस पर और प्रतिबंध लगाने तथा यूक्रेन को सैन्य समर्थन देने की बात भी कही।
रूस का सीजफायर इतिहास: 8 मई को घोषित किया था 3 दिन का एकतरफा युद्धविराम
गौरतलब है कि इससे पहले रूस ने 29 अप्रैल को 8 मई से तीन दिन के एकतरफा युद्धविराम का ऐलान किया था। यह सीजफायर रूस के विक्ट्री डे (द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत का जश्न) के मौके पर घोषित किया गया था। इससे पहले 20 अप्रैल को ईस्टर के अवसर पर भी रूस ने एक दिन का युद्धविराम किया था।








