- भारत में विदेशी निवेश: 14,167 करोड़ का भारी निवेश क्यों हुआ
- भारत-पाकिस्तान तनाव के बावजूद भारतीय बाजार में FII की निरंतर खरीदारी
- FII ने अप्रैल में खरीदी 4,223 करोड़ रुपए की शेयर, क्या यह बदलाव संकेत दे रहा है
नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान तनाव के बावजूद, विदेशी निवेशकों (FII) ने मई महीने में भारतीय बाजार में लगातार निवेश करना जारी रखा है। अब तक, FII ने 14,167 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यह निवेश एक ऐसे समय में हो रहा है जब भारतीय बाजार पर वैश्विक घटनाओं का असर देखा जा रहा है। इससे पहले अप्रैल में, विदेशी निवेशकों ने 4,223 करोड़ रुपए की खरीदारी की थी और 2025 में पहली बार वे नेट बायर्स बने थे।
2025 के पहले तीन महीनों में भारी बिकवाली
2025 की शुरूआत में FII ने भारतीय शेयर बाजार से बिकवाली की थी। जनवरी और फरवरी में उन्होंने क्रमशः 78,027 करोड़ और 34,574 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे। मार्च में भी उन्होंने 3,973 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। हालांकि, अप्रैल में दो कारोबारी हफ्तों में उन्होंने 25,897 करोड़ रुपए की खरीदारी की, जो एक रिकॉर्ड था।
FII का निवेश बढ़ा, लेकिन वैश्विक चिंताओं के बीच
विशेषज्ञों का कहना है कि FII की बिकवाली के कारणों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई टैरिफ नीति, वैश्विक मंदी, भारतीय शेयरों की ऊंची वैल्यूएशन और कॉरपोरेट इनकम में धीमी ग्रोथ शामिल थी। इन चिंताओं के चलते विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसे निकाले थे। हालांकि, ट्रंप द्वारा 90 दिनों के टैरिफ राहत की घोषणा के बाद, FII ने निवेश को फिर से बढ़ाया है।








