
- क्या है अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ विवाद?
- स्विट्जरलैंड में वार्ता, व्यापार संबंधों की नई शुरुआत
- किस मुद्दे पर हुई बातचीत? जानें प्रमुख बिंदु
जेनेवा। अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ विवाद को लेकर स्विट्जरलैंड में शनिवार को हुई बैठक के बाद दोनों देशों के अधिकारियों ने बातचीत के सकारात्मक परिणामों की बात की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस वार्ता को लेकर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि बातचीत बेहद सकारात्मक रही और कई मुद्दों पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
ट्रंप ने साझा की बातचीत की प्रगति
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “चीन के साथ आज की बातचीत बहुत अच्छी रही। इस मुद्दे पर हमनें महत्वपूर्ण प्रगति की है, कई मुद्दों पर सहमति बनी और हमने एक दोस्ताना माहौल में व्यापार संबंधों को फिर से स्थापित किया।”
रविवार को फिर से हुई बातचीत
रविवार को, ट्रंप ने इस बारे में और जानकारी दी और कहा कि चीन के साथ व्यापार संबंधों को “पूरी तरह से फिर से स्थापित” किया गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने जिनेवा में मुलाकात की, जहां टैरिफ विवाद के तनाव को कम करने के प्रयास किए गए। हालांकि, बैठक के दौरान कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, लेकिन ट्रंप ने इसे सकारात्मक बताया।
ट्रंप का टैरिफ नीति पर जोर
जनवरी में व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से, ट्रंप ने टैरिफ को अपनी प्राथमिक आर्थिक रणनीति के रूप में अपनाया है। वह दुनिया के लगभग हर देश से आयात पर 10% टैरिफ लगा चुके हैं। हालांकि, चीन के साथ व्यापार संघर्ष सबसे गंभीर रहा है।
चीन पर लगाए गए टैरिफ के प्रभाव
ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके द्वारा लगाए गए 20% टैरिफ का उद्देश्य अमेरिका में सिंथेटिक ओपिओइड फेंटेनाइल के प्रवाह को रोकना है, जिससे बीजिंग पर दबाव डाला जा सके।








