- विक्रम मिसरी पर सोशल मीडिया हमला, क्या है इसका कारण?
- असदुद्दीन ओवैसी का विक्रम मिसरी के समर्थन में बयान
- ट्रोल्स द्वारा विक्रम मिसरी को निशाना बनाने की वजहें
नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बाद, विदेश सचिव विक्रम मिसरी को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। ट्रोल्स ने उनकी पुरानी तस्वीरों और परिवार के सदस्यों पर अभद्र टिप्पणियां की हैं, जिससे विक्रम मिसरी को अपना एक्स अकाउंट का पोस्ट प्रोटेक्ट करना पड़ा।
ओवैसी ने किया समर्थन, ट्रोल्स को लगाई लताड़
इस बीच, ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी विक्रम मिसरी के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने ट्रोल्स की निंदा करते हुए मिसरी को एक ईमानदार और मेहनती राजनयिक बताया। ओवैसी ने कहा, “विक्रम मिसरी एक सभ्य और ईमानदार कार्यकर्ता हैं जो हमारे देश के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। सिविल सेवक कार्यपालिका के अधीन काम करते हैं, और उन्हें किसी भी राजनीतिक निर्णय के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।”
सलमान सोज ने भी किया विक्रम मिसरी का समर्थन
कांग्रेस नेता सलमान अनीस सोज ने भी विक्रम मिसरी का पक्ष लिया और ट्रोल्स को फटकार लगाई। उन्होंने एक्स पर लिखा, “विक्रम मिसरी एक कश्मीरी हैं और उन्होंने देश का नाम रोशन किया है। उनकी सेवा को कोई ट्रोलिंग कम नहीं कर सकती। अगर हम शुक्रिया नहीं कह सकते, तो कम से कम चुप रहना चाहिए।”
विक्रम मिसरी की प्रोफाइल
विक्रम मिसरी ने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से अपनी शिक्षा पूरी की और इंडियन फॉरेन सर्विस में आने से पहले एडवर्टाइजिंग क्षेत्र में काम किया था। पीएमओ के अलावा, उन्होंने कई भारतीय मिशनों में अपनी सेवाएं दी हैं। उन्हें जुलाई 2024 में भारत के विदेश सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था।







