क्या अब विराट कोहली पूरी तरह से सफेद बॉल क्रिकेट पर फोकस करेंगे?

  • क्यों लिया विराट कोहली ने अचानक टेस्ट क्रिकेट से संन्यास?
  • टेस्ट क्रिकेट में कोहली की कप्तानी का रिकॉर्ड, क्या धोनी-रोहित से बेहतर थे?
  • क्या BCCI को था विराट के संन्यास का अंदेशा?

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। उन्होंने सोमवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट के ज़रिए अपने फैसले का ऐलान किया। कोहली ने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट ने मेरी परीक्षा ली, मुझे पहचान दी और ऐसे सबक सिखाए जो मैं जीवनभर नहीं भूलूंगा।”

कोहली ने 10 मई को BCCI को अपने फैसले की जानकारी दी थी। बोर्ड ने उन्हें दोबारा सोचने की सलाह दी और 11 मई को एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनसे व्यक्तिगत तौर पर बात भी की, लेकिन विराट अपने निर्णय पर कायम रहे।

प्रदर्शन में गिरावट के बीच लिया फैसला

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में खेली गई बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में विराट कोहली का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा। उन्होंने 9 पारियों में केवल 190 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल था। उनका औसत 23.75 रहा और वे 8 में से 7 बार ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर आउट हुए।

123 टेस्ट, 30 शतक और 7 दोहरे शतक

विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 123 मैच खेले और 30 शतक, 31 अर्धशतक तथा 7 दोहरे शतक जड़े। साल 2017 और 2018 में उन्हें ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ द ईयर चुना गया था। उन्होंने घरेलू मैदान पर सभी 11 टेस्ट सीरीज़ जीतीं — जो एक भारतीय कप्तान के रूप में एक बड़ी उपलब्धि है।

इंस्टाग्राम पोस्ट में कोहली का इमोशनल विदाई संदेश

कोहली ने लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में पहली बार मैंने बैगी ब्लू जर्सी 14 साल पहले पहनी थी। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह सफर इतना खास होगा। जब मैं इस फॉर्मेट से दूर जा रहा हूं, तो यह आसान नहीं है, लेकिन यह समय मुझे सही लग रहा है।” उन्होंने अपने टेस्ट कैप नंबर ‘269’ का ज़िक्र करते हुए ‘साइनिंग ऑफ’ लिखा।

BCCI और डिविलियर्स ने दी श्रद्धांजलि

BCCI ने कोहली के लिए पोस्टर शेयर कर लिखा, “टेस्ट क्रिकेट में एक युग समाप्त हुआ है, लेकिन विरासत जीवित रहेगी।”
वहीं विराट के करीबी और साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने उन्हें “सच्चा लीजेंड” कहा और प्यार से “biscotti” (इतालवी शब्द, जिसका अर्थ होता है ‘बिस्किट’) कहकर संबोधित किया।

विराट की जगह कौन?

कोहली के संन्यास के बाद नंबर-4 की पोजिशन को भरने के लिए चार नाम सामने आए हैं:

1. श्रेयस अय्यर: तीनों फॉर्मेट में भारत का हिस्सा रह चुके अय्यर को नंबर-1 विकल्प माना जा रहा है। वे 14 टेस्ट में 1 शतक और 5 फिफ्टी बना चुके हैं।

2. रजत पाटीदार: इंग्लैंड सीरीज़ में कोहली की गैरहाज़िरी में टीम में आए थे। हालांकि तीन मैचों में फिफ्टी तक नहीं बना सके, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड अच्छा है।

3. सरफराज खान: फर्स्ट क्लास क्रिकेट में औसत 65.61 का है। टेस्ट डेब्यू पर 1 शतक और 3 फिफ्टी लगा चुके हैं, मगर विदेशी दौरों पर खुद को साबित करना अभी बाकी है।

4. ध्रुव जुरेल: 24 साल के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज़ ने अपनी तकनीक से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया है। वे टीम को अतिरिक्त विकल्प दे सकते हैं।

विराट के टेस्ट करियर की झलक:

  • मैच: 123

  • रन: 9230

  • औसत: 49.29

  • शतक: 30

  • अर्धशतक: 31

  • डबल सेंचुरी: 7

  • टेस्ट डेब्यू: 2011 बनाम वेस्टइंडीज

    संन्यास भले ही लिया हो, लेकिन विराट कोहली की टेस्ट विरासत भारतीय क्रिकेट में हमेशा जीवित रहेगी।

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