
- फूलों से श्रृंगार और शरबत से अभिषेक
- 12 प्रकार के अनाजों से अभिषेक
- शालिगराम जी का पंचगव्य और पंचामृत से अभिषेक
आगरा । भगवान नरसिंह महामहोत्सव में श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भाग लिया और देश की रक्षा एवं सुरक्षा की कामना की। महामहोत्सव की शुरुआत सुबह मंगला आरती से हुई, जिसमें वृन्दावन के पंचतत्व प्रभु ने भगवान नरसिंह के 108 नाम और बीज मंत्रों के साथ विधिपूर्वक हवन किया।
इस धार्मिक आयोजन के दौरान भक्तों ने नरसिंह भगवान के प्रिय पाणकम (गुड़ और दरक के रस) से भगवान का अभिषेक किया। मंदिर में सुगंधित पुष्पों से सुसज्जित मदिर में आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।
इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष रविन्द प्रभु ने भक्तों के समक्ष भगवान नरसिंह की कथा सुनाई और भक्त प्रह्लाद के दिव्य गुणों का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भक्त प्रह्लाद की भक्ति के कारण ही भगवान नरसिंह को अपने भक्त की रक्षा के लिए स्वयं प्रकट होना पड़ा। प्रभु ने कहा, “जो भक्त भगवान के प्रति शरणागत होकर उन पर विश्वास करते हैं, भगवान हर स्थिति में उनकी रक्षा करते हैं।”
इस विश्वास के साथ, सैकड़ों भक्तों ने भगवान नरसिंह का पूजन कर देश की सुरक्षा के लिए विशेष प्रार्थनाएं की। उग्र स्वरूप वाले भगवान नरसिंह को सौम्यता में परिवर्तित करने के लिए भक्त प्रह्लाद और माता लक्ष्मी के साथ फूलों से उनका श्रृंगार किया गया। शरबत और पाणकम से अभिषेक किया गया। इसके साथ ही 12 प्रकार के अनाजों को जल में भिगोकर, उनके जल से भी अभिषेक किया गया। शालिगराम जी का अभिषेक पंचगव्य और पंचामृत से किया गया।
आखिर में, आरती के बाद प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से गौरांगी, संजय कुकरेजा, सूरज प्रभु, नितेश अग्रवाल, कान्ता प्रसाद अग्रवाल, सुनील मनचंदा, देवकिशन प्रभु, विपिन अग्रवाल, राजीव मल्होत्रा आदि उपस्थित थे।








