- RBS से ISBT स्टेशन तक 80% सिविल वर्क हो चुका है
- ताज ईस्ट गेट से मन:कामेश्वर तक 6 स्टेशनों पर चल रहा मेट्रो संचालन
- NHAI और रेलवे की NOC देरी से मिला, जिससे प्रोजेक्ट पिछड़ा
आगरा। आगरा में मेट्रो का निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ चुका है। रेलवे की एनओसी (NOC) मिलने के बाद बिजलीघर स्थित रेलवे पुल के नीचे टनल की खोदाई का काम तेज़ी से जारी है। यहां अब केवल अप लाइन का 120 मीटर और डाउन लाइन का 175 मीटर काम शेष रह गया है। इस हिस्से का काम इसी माह पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही आईएसबीटी (ISBT) स्टेशन तक पहले कॉरिडोर का कार्य लगभग पूरा हो जाएगा।
सिविल वर्क का 80% कार्य संपन्न
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के अनुसार, आरबीएस कॉलेज स्टेशन से आईएसबीटी स्टेशन तक लगभग 80% कार्य पूर्ण हो चुका है। चार स्टेशनों का सिविल वर्क पूरा कर लिया गया है, और अब इन स्टेशनों के बीच मेट्रो ट्रैक बिछाने का कार्य प्रगति पर है।
पहले कॉरीडोर में 13 स्टेशन, फिलहाल 6 पर मेट्रो संचालन
ताज पूर्वी गेट से सिकंदरा तक फैले लगभग 14 किमी लंबे कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन प्रस्तावित हैं। वर्तमान में ताज पूर्वी से मन:कामेश्वर स्टेशन तक मेट्रो सेवा चालू है। मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी और आरबीएस स्टेशन का इलेक्ट्रिक और सिविल वर्क पूरा हो चुका है।
एनएचएआई की एनओसी से हुई देरी
प्रोजेक्ट में देरी का एक प्रमुख कारण एनएचएआई और रेलवे से समय पर एनओसी नहीं मिलना रहा। तीन एलिवेटेड स्टेशनों – आईएसबीटी, गुरू का ताल और सिकंदरा के लिए एनओसी मिलने में 5 से 6 महीने लग गए। हालांकि अब आईएसबीटी पर पिलर बन चुके हैं और यू-गर्डर लगाने का कार्य जारी है। अन्य दो स्टेशनों के लिए मिट्टी की जांच पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
नए लक्ष्य की घोषणा
यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि मेट्रो के पहले कॉरीडोर को अब मार्च 2026 तक पूरा किया जाएगा, जबकि दूसरे कॉरीडोर के 2027 तक पूरे होने की संभावना है। पहले लक्ष्य दिसंबर 2025 तय किया गया था, लेकिन एनओसी की देरी के चलते कार्य पिछड़ गया।







