- मजीठा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 18 लोगों की मौत
- 8 की हालत गंभीर, ICU में भर्ती, कई बोलने की स्थिति में नहीं
- पुलिस ने 9 आरोपियों को पकड़ा, मास्टरमाइंड प्रभजीत सिंह भी गिरफ्तार
अमृतसर। मजीठा क्षेत्र में ज़हरीली शराब पीने से हुई मौतों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है, जबकि 8 लोग अभी भी अस्पताल में ज़िंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इनमें से चार की हालत इतनी गंभीर है कि वे बोलने तक की स्थिति में नहीं हैं। सभी पीड़ितों का इलाज अमृतसर के सरकारी अस्पताल में चल रहा है।
प्रभावित गांवों में भंगाली कलां, मराड़ी कलां, पातालपुरी, थरिएवाल, तलवंडी खुम्मन और करनाला शामिल हैं। इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। मजीठा थाने के SHO अवतार सिंह और DSP अमोलक सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटनास्थल का दौरा कर मृतकों के परिजनों को ₹10 लाख मुआवजे की घोषणा की है।
मास्टरमाइंड प्रभजीत सिंह गिरफ्तार
SSP मनिंदर सिंह के अनुसार, नकली शराब का नेटवर्क संचालित करने वाले प्रभजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ धारा 105 BNS और 61A एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही प्रभजीत का भाई कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू, साहिब सिंह उर्फ सराय, गुरजंट सिंह और निंदर कौर को भी हिरासत में लिया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि 50 लीटर मिथनॉल को डेल्यूट कर 120 लीटर ज़हरीली शराब तैयार की गई थी, जिसे इलाके में बेच दिया गया। साहिब सिंह नामक आरोपी ऑनलाइन मिथनॉल मंगाकर इसे स्थानीय स्तर पर सप्लाई करता था। बसों के ज़रिए इस ज़हरीली शराब की डिलीवरी होती थी, जिसकी जांच अब दूसरे राज्यों तक पहुँच रही है।
ICU में भर्ती पीड़ित, कई बेसुध
डॉक्टरों की टीम ने बताया कि सभी गंभीर मरीजों को ICU में एडमिट किया गया है और उनकी स्थिति नाज़ुक बनी हुई है। पीड़ितों में ज़्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं, जिन्होंने कम कीमत में शराब खरीदकर सेवन किया था।
गांवों में पसरा मातम
मराड़ी कलां और भंगाली कलां गांवों में मौतों का सिलसिला सोमवार सुबह से शुरू हुआ। मराड़ी में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि भंगाली में 3 और फिर कुल मिलाकर 5 से 6 लोगों की जान चली गई। भंगाली में 2 लोगों का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया था, जिन्हें बाद में पोस्टमॉर्टम के लिए रोका गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब का कारोबार चल रहा था, लेकिन प्रशासन ने कभी सख्ती नहीं दिखाई। घटना के बाद पुलिस ने संबंधित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ये मौतें प्रशासन और सरकार की मिलीभगत का नतीजा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक नामी शराब ठेकेदार को बचाने के लिए मामले को दबा रही है।
3 साल में चौथी बड़ी घटना
पंजाब में ज़हरीली शराब से मौतों की यह घटना पिछले तीन वर्षों में चौथी बड़ी त्रासदी है।
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2020 में अमृतसर, तरनतारन और बटाला में 100 से अधिक मौतें हुई थीं।
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2024 में पठानकोट में नकली शराब पीने से 21 लोग मारे गए थे।
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नवांशहर और होशियारपुर में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।







