- संगीत की गहराइयों में नई खोज, थाट पर कार्यशाला की विशेष चर्चा
- आध्यात्मिक संगीत साधना, शुतोष पाण्डेय का प्रेरक संदेश
- लोकगीतों के माध्यम से माटी से जुड़ाव, उपमा पाण्डेय का अनूठा दृष्टिकोण
अम्बेडकरनगर। बीएनकेबी पीजी कॉलेज, अकबरपुर में आयोजित 15 दिवसीय सुगम संगीत कार्यशाला के तहत बुधवार को प्रशिक्षुओं को भारतीय संगीत के मूलभूत सिद्धांत “थाट” की विस्तृत जानकारी दी गई। इस विशेष सत्र का संचालन प्रशिक्षक सचिन गिरि ने किया, जिन्होंने राग बिलावल पर आधारित गीतों का अभ्यास कराया।
संगीत साधना से आत्मिक शुद्धि का संदेश
कार्यशाला में मुख्य अतिथि अधिवक्ता आशुतोष पाण्डेय ने कहा, “संगीत न केवल मन को शुद्ध करता है, बल्कि अभिव्यक्ति को नया आयाम भी देता है। युवाओं को इस कला से जोड़कर उन्हें समाज के प्रति संवेदनशील बनाया जा सकता है।”
लोकगीतों के माध्यम से सांस्कृतिक जुड़ाव
समन्वयक उपमा पाण्डेय ने लोकगीतों की बारीकियों को समझाते हुए कहा, “लोकसंगीत हमारी मिट्टी और संस्कृति से जुड़ाव का सशक्त माध्यम है। इन गीतों में क्षेत्रीय जीवनशैली और भावनाओं की झलक मिलती है।”
प्राचार्या ने प्रशंसा की
कॉलेज की प्राचार्या शुचिता पाण्डेय ने कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा, “यह देखकर प्रसन्नता होती है कि छात्र हर दिन नई जानकारी के साथ उत्साहित हैं। संगीत न केवल सुरों का ज्ञान देता है, बल्कि मानसिक अनुशासन भी सिखाता है।”
प्रशिक्षुओं ने सीखी थाट की बारीकियां
संयोजक वागीश शुक्ल ने बताया कि सचिन गिरि ने प्रशिक्षुओं को दस थाटों की जानकारी दी और राग बिलावल के माध्यम से शास्त्रीय संगीत की गहराई से परिचित कराया।
कार्यशाला में शामिल प्रमुख प्रशिक्षु
इस अवसर पर अन्नू गौर, ज्योति, श्वेता सिंह, आयुष श्रीवास्तव, आदित्यानंद, गौरव शुक्ल, पीयूष विश्वकर्मा, शिल्पी मिश्रा, साक्षी विश्वकर्मा, अनुपम शर्मा, यशोदा श्रीवास्तव, हर्षिता सिंह, अरिन गुप्ता, मधु त्रिपाठी, करूणाशंकर पाण्डेय, ज्योति निषाद, आकांक्षा तिवारी, निधि, अंतिमा साहू, कामिनी त्रिपाठी, रिंकू द्विवेदी, रेनू त्रिपाठी, रीशू प्रजापति, शालू, रानी कुमारी, शुभम पाण्डेय, अवंतिका पाण्डेय, महिमा, नेहा परवीन, श्रेया, चांदनी यादव, सृष्टि सिंह, खुशी पाण्डेय, प्राची शुक्ला, सौम्या यादव, प्रिया उपाध्याय, रोली पाल, साक्षी पाण्डेय सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
इस कार्यशाला का आयोजन संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश, भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, संत गोबिंद साहब कल्चरल क्लब और बीएनकेबी पीजी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।








