विराट कोहली का टेस्ट से संन्यास- मजबूरी या फैसला ?

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना नहीं चाहते थे, बल्कि उन्हें मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा। कैफ का कहना है कि कोहली इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन चयनकर्ताओं का समर्थन उन्हें नहीं मिला।

कैफ ने यह बयान IANS को दिए इंटरव्यू में दिया। उन्होंने कहा, “कोहली रणजी ट्रॉफी खेलकर यह संदेश देना चाहते थे कि वो टेस्ट में वापसी के लिए गंभीर हैं। लेकिन उन्हें चयनकर्ताओं और BCCI से वो सहयोग नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।”

12 मई को कोहली ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था।

पिछले 5 वर्षों में गिरा प्रदर्शन

कैफ ने बताया कि पिछले 5-6 सालों के आंकड़ों के आधार पर शायद चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम से बाहर रखने का निर्णय लिया। कोहली ने इन वर्षों में 68 पारियों में सिर्फ 2028 रन बनाए और केवल 3 शतक लगाए। उनका औसत भी गिरकर 46 के आसपास रह गया।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पर्थ टेस्ट में उन्होंने शतक लगाकर वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन पूरी सीरीज में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और भारत 1-3 से सीरीज हार गया।

कोहली में दिखी बेचैनी, धैर्य में आई कमी: कैफ

कैफ का मानना है कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में कोहली जल्दी रन बनाने की कोशिश में दिखे और उनका धैर्य पहले जैसा नहीं रहा। “बाहर जाती गेंदों पर लगातार ड्राइव करने की कोशिश और एज मिलना इस बात का संकेत था कि विराट मानसिक रूप से थक चुके थे,” कैफ ने कहा।

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