- मंत्री के बयान पर हाईकोर्ट ने क्यों जताई नाराजगी
- आखिर क्या था वह बयान जिसने देश भर में मचाया बवाल
- FIR में क्या-क्या है कमज़ोर? कोर्ट ने क्या कहा
जबलपुर। मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ दिए गए विवादित बयान पर दर्ज FIR की भाषा से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को इस FIR को “खानापूर्ति” बताते हुए कहा कि अब जांच की निगरानी कोर्ट करेगी, ताकि यह किसी दबाव में प्रभावित न हो।
सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज की शाह की याचिका
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने विजय शाह की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा, “आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए? आप किस तरह के बयान दे रहे हैं? आप जिम्मेदार पद पर हैं, जिम्मेदारी निभानी चाहिए।”
हाईकोर्ट की टिप्पणी: “FIR इस तरह दर्ज की गई कि रद्द हो सके”
हाईकोर्ट ने कहा कि FIR में संदिग्ध के कार्यों का सही उल्लेख नहीं है, जिससे यह अपराध के तत्वों को पूरा नहीं करती। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की बेंच ने कहा, “FIR इस तरह दर्ज की गई है कि इसे आसानी से रद्द किया जा सके।” कोर्ट ने 14 मई के अपने आदेश को FIR का हिस्सा बनाने का निर्देश दिया।
मामला क्या है?
-
11 मई को इंदौर में विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को “आतंकियों की बहन” बताया था।
-
हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए BNS की धारा 152 (भारत की अखंडता को खतरा) और 192 (साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाना) के तहत FIR दर्ज करने का आदेश दिया था।
-
विवाद बढ़ने पर शाह ने माफी मांगी, लेकिन अभी इस्तीफा देने से इनकार किया है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
-
कांग्रेस ने शाह के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पार्टी से निकालने की मांग की है।
-
भाजपा ने शाह को फटकार लगाई है, लेकिन अभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हुई है।
अब हाईकोर्ट छुट्टियों के बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा।







