लखनऊ के चार बड़े मेडिकल संस्थानों में 50% डॉक्टर छुट्टी पर

  • समर वेकेशन दो राउंड में मंजूर, गंभीर मरीजों के लिए व्यवस्था दुरुस्त
  • भारत-पाक तनाव के चलते पहले रद्द हुई थीं छुट्टियां, अब आदेश वापस
  • कैंसर मरीजों के लिए इलाज में देरी हो सकती है चिंता का विष

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चार प्रमुख मेडिकल संस्थानों में 50 फीसदी डॉक्टरों के समर वेकेशन पर चले जाने से ओपीडी सेवाओं पर असर पड़ना तय माना जा रहा है। इन संस्थानों में रोज़ाना करीब 16 हजार से अधिक मरीज ओपीडी सेवाओं का लाभ लेते हैं। डॉक्टरों के छुट्टी पर जाने से गंभीर और इमरजेंसी मरीजों के लिए परेशानी बढ़ सकती है।

हालांकि संस्थानों के प्रशासन ने दावा किया है कि डॉक्टरों की छुट्टी से इलाज में कोई व्यवधान नहीं आने दिया जाएगा। बता दें कि हाल ही में भारत-पाक तनाव के बीच डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं, लेकिन हालात सामान्य होते ही बुधवार को छुट्टियां बहाल कर दी गईं।

KGMU: 616 डॉक्टरों में से आधे अवकाश पर

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 616 रेगुलर डॉक्टर हैं और यहां रोजाना 7 से 8 हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि समर वेकेशन के दौरान भी 50% से ज्यादा डॉक्टर एक साथ छुट्टी पर नहीं जा सकते। छुट्टियां इसी नियम के तहत मंज़ूर की गई हैं।

गर्मियों में नहीं होती प्लान सर्जरी

KGMU फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष डॉ. केके सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी समर वेकेशन दो राउंड में दी जा रही है। गर्मियों के मौसम में लोग सामान्यतः प्लान सर्जरी नहीं करवाते, जिससे मरीजों को खास दिक्कत नहीं होती। मेडिसिन, सर्जरी और एनेस्थीसिया जैसे विभागों में पर्याप्त डॉक्टरों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।

SGPGI: 325 डॉक्टरों में आधे अवकाश पर

संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (SGPGI) में 325 डॉक्टर तैनात हैं और यहां रोजाना ढाई से तीन हजार मरीज ओपीडी में आते हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. आरके धीमान के अनुसार 16 मई से समर वेकेशन शुरू हो चुका है। सभी छुट्टियां दो चरणों में दी जा रही हैं और मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

RMLIMS: ओपीडी में 5000 तक पहुंच सकती है मरीजों की संख्या

डॉ. राम मनोहर लोहिया संस्थान में 124 रेगुलर और 99 कांट्रेक्चुअल डॉक्टर कार्यरत हैं। यहां गुरुवार से डॉक्टर समर वेकेशन पर जा चुके हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. सीएम सिंह ने बताया कि कांट्रेक्चुअल डॉक्टर छुट्टी पर नहीं जाएंगे जिससे संस्थान की सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।

कैंसर संस्थान में मरीजों को करना होगा इंतजार

कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान में भी डॉक्टरों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। यहां 121 स्वीकृत पदों के सापेक्ष केवल 23 रेगुलर और 7 कांट्रेक्चुअल डॉक्टर ही कार्यरत हैं। ऐसे में यहां आने वाले गंभीर मरीजों को इलाज में देरी झेलनी पड़ सकती है। निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने भरोसा दिलाया कि मरीजों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी।

पहले राउंड में 50% डॉक्टर छुट्टी पर

चारों संस्थानों में 16 मई से 15 जुलाई तक दो चरणों में समर वेकेशन का शेड्यूल तैयार किया गया है। पहले चरण में 50 फीसदी डॉक्टर छुट्टी पर जा चुके हैं। कुछ डॉक्टर पहले से ही पारिवारिक भ्रमण की योजना बना चुके थे।

मंत्रालय ने वापस लिया था छुट्टी रद्द करने का आदेश

गौरतलब है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के चलते डॉक्टरों की सभी छुट्टियां पहले रद्द कर दी गई थीं। उस दौरान सभी मेडिकल संस्थानों को अलर्ट पर रखा गया था। लेकिन बाद में हालात सामान्य होने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को डॉक्टरों की छुट्टियां बहाल कर दीं।

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