
- गोरखपुर से इलाज के लिए कानपुर लाए गए बब्बर शेर पटौदी की मौत
- भोपाल लैब से आई रिपोर्ट में H5N1 (बर्ड फ्लू) पॉजिटिव निकला
- गुरुवार सुबह इलाज के दौरान शेर ने तोड़ा दम, शाम को किया गया अंतिम संस्कार
कानपुर। गोरखपुर से कानपुर प्राणी उद्यान लाए गए बब्बर शेर पटौदी की गुरुवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। जांच रिपोर्ट में पता चला कि पटौदी H5N1 बर्ड फ्लू वायरस से संक्रमित था। रिपोर्ट गुरुवार रात भोपाल की लैब से आई, जिसमें यह पुष्टि हुई। उसी दिन शाम को कानपुर प्राणी उद्यान में पटौदी का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पटौदी की हालत गुरुवार सुबह तक गंभीर बनी हुई थी। उसके अंतिम पांच घंटे का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बेहद कमजोर और बीमार दिखाई दे रहा था, दहाड़ने में भी वह असमर्थ था। कानपुर चिड़ियाघर के रेंजर नावेद इकराम ने बताया कि गोरखपुर से लाए गए पटौदी के सैंपल भोपाल लैब में जांच के लिए भेजे गए थे। पॉजिटिव रिपोर्ट मिलने के बाद चिड़ियाघर प्रशासन ने सभी बड़े जानवरों के आस-पास सेनिटाइजेशन और फॉगिंग शुरू कर दी है।
चिड़ियाघर को सुरक्षा के मद्देनजर 19 मई तक दर्शकों के लिए बंद रखा गया है। इस दौरान कर्मचारी पूरी सावधानी और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अंदर-बाहर आएंगे।
पटौदी का परिचय
पटौदी का जन्म गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग प्राणी उद्यान में हुआ था। सितंबर 2019 में उसे इटावा लायन सफारी लाया गया और फरवरी 2021 में गोरखपुर ले जाया गया। तब उसकी उम्र लगभग 8 वर्ष थी। इसके बाद उसे कानपुर लाया गया था, जहां नियमित तौर पर लखनऊ से ताजा मांस खिलाया जाता था। अब उसकी उम्र लगभग 15 वर्ष थी, जो बब्बर शेर की औसत आयु मानी जाती है।








